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Q: Three chambered heart is found in : त्रिकोष्ठीय हृदय पाया जाता है–
  • A. Mammals/स्तनधारियों में
  • B. Birds/पक्षियों में
  • C. Amphibians/उभयचरों में
  • D. Pisces/मछलियों में
Correct Answer: Option C - उभयचर वर्ग पृष्ठवंशीय प्राणियों का एक बहुत महत्त्वपूर्ण वर्ग है जो जीव वैज्ञानिक वर्गीकरण के अनुसार मत्स्य और सरीसृप वर्गों के बीच की श्रेणी में आता है। इस वर्ग के कुछ जंतु जल तथा कुछ जल एवं थल दोनों पर रहते हैं। ये अनियततापी जंतु हैं। उभयचरों के विशेष लक्षण इस प्रकार हैं– इनमें दो नासाद्वार होते हैं, जो मुखगुहा द्वारा फेफड़ों से संबद्ध रहते हैं। हृदय त्रिकोष्ठीय होता है, इनमें विशेष प्रकार का मध्यकर्ण पाया जाता है।
C. उभयचर वर्ग पृष्ठवंशीय प्राणियों का एक बहुत महत्त्वपूर्ण वर्ग है जो जीव वैज्ञानिक वर्गीकरण के अनुसार मत्स्य और सरीसृप वर्गों के बीच की श्रेणी में आता है। इस वर्ग के कुछ जंतु जल तथा कुछ जल एवं थल दोनों पर रहते हैं। ये अनियततापी जंतु हैं। उभयचरों के विशेष लक्षण इस प्रकार हैं– इनमें दो नासाद्वार होते हैं, जो मुखगुहा द्वारा फेफड़ों से संबद्ध रहते हैं। हृदय त्रिकोष्ठीय होता है, इनमें विशेष प्रकार का मध्यकर्ण पाया जाता है।

Explanations:

उभयचर वर्ग पृष्ठवंशीय प्राणियों का एक बहुत महत्त्वपूर्ण वर्ग है जो जीव वैज्ञानिक वर्गीकरण के अनुसार मत्स्य और सरीसृप वर्गों के बीच की श्रेणी में आता है। इस वर्ग के कुछ जंतु जल तथा कुछ जल एवं थल दोनों पर रहते हैं। ये अनियततापी जंतु हैं। उभयचरों के विशेष लक्षण इस प्रकार हैं– इनमें दो नासाद्वार होते हैं, जो मुखगुहा द्वारा फेफड़ों से संबद्ध रहते हैं। हृदय त्रिकोष्ठीय होता है, इनमें विशेष प्रकार का मध्यकर्ण पाया जाता है।