Correct Answer:
Option D - सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान निम्न है –
सूची-I सूची-II
(नाटक) (पात्र)
चन्द्रगुप्त – लीला
स्कन्दगुप्त – मालिनी
अंजो दीदी – अनिमा
आषाढ़ का एक दिन – प्रियंगुमंजरी
1. चन्द्रगुप्त नाटक के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। इसका प्रकाशन 1931 ई. में हुआ था। इस नाटक के प्रमुख पात्र– चन्द्रगुप्त, चाणक्य, राक्षस, पर्वतेश्वर, सिंहरण, आम्भीक, अलका, सुवासिनी, कल्याणी, मालविका, कार्नेलिया, एलिस आदि हैं।
2. स्कन्दगुप्त नाटक के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। इसका प्रकाशन 1928 ई. में हुआ। यह एक ऐतिहासिक नाटक है। इस नाटक का आरम्भ स्कन्दगुप्त के कथन – ‘अधिकार सुख कितना मादक और सारहीन है’ से होता है। इस नाटक के प्रमुख पात्र– कुमार गुप्त, पर्णदत्त, चक्रपालित, भटार्क, देवकी, अनंतदेवी, देवसेना आदि हैं।
3. ‘अंजो दीदी’ नाटक के लेखक उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ हैं। इस नाटक का प्रकाशन 1955 ई. में हुआ। इस नाटक के प्रमुख पात्र– अंजली, श्रीपति, अनिमा, नीरज, मुन्नी, इन्द्रनारायण आदि।
4. ‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के लेखक मोहन राकेश हैं। इस नाटक का प्रकाशन 1958 ई. में हुआ था। इस नाटक के प्रमुख पात्र– कालिदास, अंबिका, माqल्लका, दंतुल, मातुल, विलोम, प्रियंगुमंजरी आदि हैं।
D. सूची-I के साथ सूची-II का सही मिलान निम्न है –
सूची-I सूची-II
(नाटक) (पात्र)
चन्द्रगुप्त – लीला
स्कन्दगुप्त – मालिनी
अंजो दीदी – अनिमा
आषाढ़ का एक दिन – प्रियंगुमंजरी
1. चन्द्रगुप्त नाटक के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। इसका प्रकाशन 1931 ई. में हुआ था। इस नाटक के प्रमुख पात्र– चन्द्रगुप्त, चाणक्य, राक्षस, पर्वतेश्वर, सिंहरण, आम्भीक, अलका, सुवासिनी, कल्याणी, मालविका, कार्नेलिया, एलिस आदि हैं।
2. स्कन्दगुप्त नाटक के लेखक जयशंकर प्रसाद हैं। इसका प्रकाशन 1928 ई. में हुआ। यह एक ऐतिहासिक नाटक है। इस नाटक का आरम्भ स्कन्दगुप्त के कथन – ‘अधिकार सुख कितना मादक और सारहीन है’ से होता है। इस नाटक के प्रमुख पात्र– कुमार गुप्त, पर्णदत्त, चक्रपालित, भटार्क, देवकी, अनंतदेवी, देवसेना आदि हैं।
3. ‘अंजो दीदी’ नाटक के लेखक उपेन्द्रनाथ ‘अश्क’ हैं। इस नाटक का प्रकाशन 1955 ई. में हुआ। इस नाटक के प्रमुख पात्र– अंजली, श्रीपति, अनिमा, नीरज, मुन्नी, इन्द्रनारायण आदि।
4. ‘आषाढ़ का एक दिन’ नाटक के लेखक मोहन राकेश हैं। इस नाटक का प्रकाशन 1958 ई. में हुआ था। इस नाटक के प्रमुख पात्र– कालिदास, अंबिका, माqल्लका, दंतुल, मातुल, विलोम, प्रियंगुमंजरी आदि हैं।