Correct Answer:
Option C - यह परिस्थिति समस्यात्मक है कि शिक्षार्थी ज्ञान को उसी रूप में पुन: प्रस्तुत करें जिस रूप में उन्होंने ग्रहण किया है। क्योंकि कोई भी व्यक्ति/शिक्षार्थी किसी विषय पर प्राप्त ज्ञान को अपने अनुभव के द्वारा व्याख्या करता है तथा ज्ञान को ज्यों का त्यों पुन: उत्पादित नहीं करता। ज्ञान को ज्यों का त्यों उत्पादित करना रटने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है तथा इससे मानसिक तथा बौद्धिक विकास अवरूद्ध हो जाता है।
C. यह परिस्थिति समस्यात्मक है कि शिक्षार्थी ज्ञान को उसी रूप में पुन: प्रस्तुत करें जिस रूप में उन्होंने ग्रहण किया है। क्योंकि कोई भी व्यक्ति/शिक्षार्थी किसी विषय पर प्राप्त ज्ञान को अपने अनुभव के द्वारा व्याख्या करता है तथा ज्ञान को ज्यों का त्यों पुन: उत्पादित नहीं करता। ज्ञान को ज्यों का त्यों उत्पादित करना रटने की प्रक्रिया को बढ़ावा देता है तथा इससे मानसिक तथा बौद्धिक विकास अवरूद्ध हो जाता है।