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Q: प्रेमल्या: आदेशात् प्रेमल: किमकुर्वत् ?
  • A. हण्डीम् अवतारयत्
  • B. हण्डीं आस्फोटयत्
  • C. हण्डीम् दृष्ट्वा तत्रैव स्थापितवान्
  • D. हण्डीम् कूपे स्थापितवान्
Correct Answer: Option A - प्रेमल्या: आदेशात् प्रेमल: हण्डीम् अवतारयत्। अर्थात् प्रेमली के आदेश से प्रेमल ऊपर रखी हण्डी को उतारता है। प्रेमल्या: रूप पञ्चमी एवं षष्ठी विभक्ति एकवचन में बनता है। इसका मूल प्रातिपदिक शब्द ‘प्रेमली’ है। यहाँ षष्ठी एकवचन का रूप का प्रयोग हुआ है।
A. प्रेमल्या: आदेशात् प्रेमल: हण्डीम् अवतारयत्। अर्थात् प्रेमली के आदेश से प्रेमल ऊपर रखी हण्डी को उतारता है। प्रेमल्या: रूप पञ्चमी एवं षष्ठी विभक्ति एकवचन में बनता है। इसका मूल प्रातिपदिक शब्द ‘प्रेमली’ है। यहाँ षष्ठी एकवचन का रूप का प्रयोग हुआ है।

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प्रेमल्या: आदेशात् प्रेमल: हण्डीम् अवतारयत्। अर्थात् प्रेमली के आदेश से प्रेमल ऊपर रखी हण्डी को उतारता है। प्रेमल्या: रूप पञ्चमी एवं षष्ठी विभक्ति एकवचन में बनता है। इसका मूल प्रातिपदिक शब्द ‘प्रेमली’ है। यहाँ षष्ठी एकवचन का रूप का प्रयोग हुआ है।