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Q: The study of human cognition has been approached mainly from three different perspectives, which are – मानव अनुभूति का अध्ययन मुख्य रूप से तीन अलग-अलग दृष्टिकोणों से किया गया है, जो हैं– I. The psychometric approach I. साइकोमैट्रिक दृष्टिकोण II. The development approach II. विकासात्मक दृष्टिकोण III. The information processing approach III. सूचना प्रसंस्करण दृष्टिकोण
  • A. I, II and III/I, II और III
  • B. Only I/केवल I
  • C. I and II/I और II
  • D. I and III/I और III
Correct Answer: Option A - संज्ञानात्मक विकास मनुष्य के विकास का महत्वपूर्ण पक्ष है। संज्ञान शब्द का अर्थ है ‘जानना’ या ‘समझना’। यह एक ऐसी बौद्धिक प्रक्रिया है जिसमें विचारों द्वारा ज्ञान प्राप्त किया जाता है। संज्ञानात्मक विकास शब्द का प्रयोग मानसिक विकास के व्यापक अर्थों में किया जाता है जिसमें बुद्धि के अतिरिक्त सूचना का प्रत्यक्षीकरण, पहचान, प्रत्याह्वान और व्याख्या आता है। संज्ञान में मानव की विभिन्न मानसिक गतिविधियों का समन्वय होती है। अत: मानव संज्ञान का अध्ययन करने के लिए साइकोमैट्रिक, विकासात्मक व सूचना प्रसंस्करण तीनो ही दृष्टिकोण महत्वपूर्ण होता है।
A. संज्ञानात्मक विकास मनुष्य के विकास का महत्वपूर्ण पक्ष है। संज्ञान शब्द का अर्थ है ‘जानना’ या ‘समझना’। यह एक ऐसी बौद्धिक प्रक्रिया है जिसमें विचारों द्वारा ज्ञान प्राप्त किया जाता है। संज्ञानात्मक विकास शब्द का प्रयोग मानसिक विकास के व्यापक अर्थों में किया जाता है जिसमें बुद्धि के अतिरिक्त सूचना का प्रत्यक्षीकरण, पहचान, प्रत्याह्वान और व्याख्या आता है। संज्ञान में मानव की विभिन्न मानसिक गतिविधियों का समन्वय होती है। अत: मानव संज्ञान का अध्ययन करने के लिए साइकोमैट्रिक, विकासात्मक व सूचना प्रसंस्करण तीनो ही दृष्टिकोण महत्वपूर्ण होता है।

Explanations:

संज्ञानात्मक विकास मनुष्य के विकास का महत्वपूर्ण पक्ष है। संज्ञान शब्द का अर्थ है ‘जानना’ या ‘समझना’। यह एक ऐसी बौद्धिक प्रक्रिया है जिसमें विचारों द्वारा ज्ञान प्राप्त किया जाता है। संज्ञानात्मक विकास शब्द का प्रयोग मानसिक विकास के व्यापक अर्थों में किया जाता है जिसमें बुद्धि के अतिरिक्त सूचना का प्रत्यक्षीकरण, पहचान, प्रत्याह्वान और व्याख्या आता है। संज्ञान में मानव की विभिन्न मानसिक गतिविधियों का समन्वय होती है। अत: मानव संज्ञान का अध्ययन करने के लिए साइकोमैट्रिक, विकासात्मक व सूचना प्रसंस्करण तीनो ही दृष्टिकोण महत्वपूर्ण होता है।