search
Q: उस आस्था का नाम बताइए जो पाल राजाओं का भाग नहीं था–
  • A. श्वेतांबर
  • B. महायान
  • C. तंत्रयान
  • D. बङ्कायान
Correct Answer: Option A - • श्वेताम्बर एवं दिगम्बर जैन धर्म से संबंधित सम्प्रदाय है। • हीनयान एवं महायान बौद्ध धर्म से संबंधित सम्प्रदाय है। • पाल राजाओं की आस्था बौद्ध धर्म के हीनयान एवं महायान सम्प्रदाय में थी। • पाल राजाओं के आश्रय में महायान देवी-देवताओं (बौद्ध धर्म से संबंधी) के चित्र बनाये जाते थे, ये चित्र एक या दो इंच वर्गाकार होते थे। • पाल राजाओं का महायान, तंत्रयान, वङ्कायान में आस्था थी। • पाल शैली में चित्रित पोथियां– प्रज्ञापारमिताशास्त्र, साधनमाला, गन्धव्यूह, करनदेवगुह, पंचशिखा, महायान बौद्ध पोथियां हैं। • पंचशिखा– राजा जयपाल के 14वें राज्या रोहण वर्ष में चित्रित की गयी और ‘केम्ब्रिज विश्वविद्यालय’ के पुस्तकालय में सुरक्षित है।
A. • श्वेताम्बर एवं दिगम्बर जैन धर्म से संबंधित सम्प्रदाय है। • हीनयान एवं महायान बौद्ध धर्म से संबंधित सम्प्रदाय है। • पाल राजाओं की आस्था बौद्ध धर्म के हीनयान एवं महायान सम्प्रदाय में थी। • पाल राजाओं के आश्रय में महायान देवी-देवताओं (बौद्ध धर्म से संबंधी) के चित्र बनाये जाते थे, ये चित्र एक या दो इंच वर्गाकार होते थे। • पाल राजाओं का महायान, तंत्रयान, वङ्कायान में आस्था थी। • पाल शैली में चित्रित पोथियां– प्रज्ञापारमिताशास्त्र, साधनमाला, गन्धव्यूह, करनदेवगुह, पंचशिखा, महायान बौद्ध पोथियां हैं। • पंचशिखा– राजा जयपाल के 14वें राज्या रोहण वर्ष में चित्रित की गयी और ‘केम्ब्रिज विश्वविद्यालय’ के पुस्तकालय में सुरक्षित है।

Explanations:

• श्वेताम्बर एवं दिगम्बर जैन धर्म से संबंधित सम्प्रदाय है। • हीनयान एवं महायान बौद्ध धर्म से संबंधित सम्प्रदाय है। • पाल राजाओं की आस्था बौद्ध धर्म के हीनयान एवं महायान सम्प्रदाय में थी। • पाल राजाओं के आश्रय में महायान देवी-देवताओं (बौद्ध धर्म से संबंधी) के चित्र बनाये जाते थे, ये चित्र एक या दो इंच वर्गाकार होते थे। • पाल राजाओं का महायान, तंत्रयान, वङ्कायान में आस्था थी। • पाल शैली में चित्रित पोथियां– प्रज्ञापारमिताशास्त्र, साधनमाला, गन्धव्यूह, करनदेवगुह, पंचशिखा, महायान बौद्ध पोथियां हैं। • पंचशिखा– राजा जयपाल के 14वें राज्या रोहण वर्ष में चित्रित की गयी और ‘केम्ब्रिज विश्वविद्यालय’ के पुस्तकालय में सुरक्षित है।