search
Q: अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को सार्वजनिक रूप से किसी भी स्थान पर नीचा दिखाने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करने या डराने-धमकाने की सजा...................है।
  • A. एक अवधि के लिए कारवास जो छ: महीने से कम नहीं होगा लेकिन जिसे पांच वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना
  • B. एक अवधि के लिए कारावास जो एक वर्ष से कम नहीं होगा लेकिन जिसे दस वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना
  • C. एक अवधि के लिए कारावास जो दो महीने से कम नहीं होगा लेकिन जिसे दो वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना
  • D. एक अवधि के लिए कारावास जो एक महीने से कम नहीं होगा लेकिन जिसे छ: महीने तक बढ़ाया जा सकता है और जुर्माना
Correct Answer: Option A - अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 की धारा 3 में प्रावधान किया गया है कि जो कोई अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को सार्वजनिक रूप से किसी भी स्थान पर नीचा दिखाने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करेगा वह कारावास से जिसकी अवधि 6 महीने से कम नहीं होगी लेकिन जिसे 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।
A. अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 की धारा 3 में प्रावधान किया गया है कि जो कोई अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को सार्वजनिक रूप से किसी भी स्थान पर नीचा दिखाने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करेगा वह कारावास से जिसकी अवधि 6 महीने से कम नहीं होगी लेकिन जिसे 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।

Explanations:

अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति अधिनियम 1989 की धारा 3 में प्रावधान किया गया है कि जो कोई अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के किसी सदस्य को सार्वजनिक रूप से किसी भी स्थान पर नीचा दिखाने के इरादे से जानबूझकर अपमानित करेगा वह कारावास से जिसकी अवधि 6 महीने से कम नहीं होगी लेकिन जिसे 5 वर्ष तक बढ़ाया जा सकता है।