Q: निर्देश : निम्नलिखित काव्यांश को पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के सही । सबसे उपयुक्त उत्तर वाले विकल्प को चुनिए । रिमझिम रिमझिम क्या कुछ कहते बूँदों के स्वर, रोम सिहर उठते छूते वे भीतर अंतर ! धाराओं पर धाराएँ झरतीं धरती पर, रज के कण कण में तृण-तृण की पुलकावलि भर । पकड़ वारि की धार झूलता है मेरा मन, आओ रे सब मुझे घेरकर गाओ सावन । इंद्रधनुष के झूले में झूलें मिल सब जन, फिर फिर आए जीवन में सावन मनभावन । ‘जीवन में सावन मनभावन’ से आशय है -
A.
जीवन में खुशियाँ रहें।
B.
जीवन में सावन रहे।
C.
जीवन मनभावन रहे।
D.
सावन का नाम मनभावन है।
Correct Answer:
Option A - काव्यांश में ‘जीवन में सावन मनभावन’ से आशय है- जीवन में खुशियाँ रहे।
A. काव्यांश में ‘जीवन में सावन मनभावन’ से आशय है- जीवन में खुशियाँ रहे।
Explanations:
काव्यांश में ‘जीवन में सावन मनभावन’ से आशय है- जीवन में खुशियाँ रहे।
Download Our App
Download our app to know more Lorem ipsum dolor sit amet consectetur adipisicing elit.
Excepturi, esse.
YOU ARE NOT LOGIN
Unlocking possibilities: Login required for a world of personalized
experiences.