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Q: .
  • A. द्वन्द्व समास
  • B. बहुव्रीहि समास
  • C. द्विगु समास
  • D. तत्पुरुष समास
Correct Answer: Option D - जिस समास में पूर्व पद गौण तथा उत्तर पद प्रधान हो, तो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। इसके उदाहरण हैं- प्रेमसिक्त, कामचोर, राहखर्च, गोशाला, लोकोत्तर, राजपुत्र, शास्त्रप्रवीण आदि। ‘द्वन्द्व समास’ के दोनों पद प्रधान होते हैं तथा ‘बहुव्रीहि समास’ में दोनों पद प्रधान न होकर कोई तीसरा पद प्रधान हो जाता है। ‘द्विगु समास’ में पूर्व पद संख्यावाची तथा उत्तर पद संज्ञा होती है।
D. जिस समास में पूर्व पद गौण तथा उत्तर पद प्रधान हो, तो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। इसके उदाहरण हैं- प्रेमसिक्त, कामचोर, राहखर्च, गोशाला, लोकोत्तर, राजपुत्र, शास्त्रप्रवीण आदि। ‘द्वन्द्व समास’ के दोनों पद प्रधान होते हैं तथा ‘बहुव्रीहि समास’ में दोनों पद प्रधान न होकर कोई तीसरा पद प्रधान हो जाता है। ‘द्विगु समास’ में पूर्व पद संख्यावाची तथा उत्तर पद संज्ञा होती है।

Explanations:

जिस समास में पूर्व पद गौण तथा उत्तर पद प्रधान हो, तो उसे तत्पुरुष समास कहते हैं। इसके उदाहरण हैं- प्रेमसिक्त, कामचोर, राहखर्च, गोशाला, लोकोत्तर, राजपुत्र, शास्त्रप्रवीण आदि। ‘द्वन्द्व समास’ के दोनों पद प्रधान होते हैं तथा ‘बहुव्रीहि समास’ में दोनों पद प्रधान न होकर कोई तीसरा पद प्रधान हो जाता है। ‘द्विगु समास’ में पूर्व पद संख्यावाची तथा उत्तर पद संज्ञा होती है।