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Q: .
  • A. अमृत रूपी वचन
  • B. वचन और अमृत
  • C. अमृत जैसी वाणी
  • D. वचन रूपी अमृत
Correct Answer: Option D - ‘वचनामृत’ समास पद का विग्रह ‘वचन रूपी अमृत’ है। इसमें कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास के पूर्वपद एवं उत्तर पद के मध्य या तो ‘उपमेय-उपमान’ का सम्बन्ध होता है या विशेषण-विशेष्य का। यहाँ ‘वचन’ उपमेय तथा ‘अमृत’ उपमान है
D. ‘वचनामृत’ समास पद का विग्रह ‘वचन रूपी अमृत’ है। इसमें कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास के पूर्वपद एवं उत्तर पद के मध्य या तो ‘उपमेय-उपमान’ का सम्बन्ध होता है या विशेषण-विशेष्य का। यहाँ ‘वचन’ उपमेय तथा ‘अमृत’ उपमान है

Explanations:

‘वचनामृत’ समास पद का विग्रह ‘वचन रूपी अमृत’ है। इसमें कर्मधारय समास है। कर्मधारय समास के पूर्वपद एवं उत्तर पद के मध्य या तो ‘उपमेय-उपमान’ का सम्बन्ध होता है या विशेषण-विशेष्य का। यहाँ ‘वचन’ उपमेय तथा ‘अमृत’ उपमान है