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Q: अनुच्छेद को ध्यान से पढ़कर पूछे गए प्रश्नों के उत्तर दीजिए– (प्र. सं. 66-70) नहर अथवा नदी पर जल के प्रवाह को रोकने के लिए बाँध का उपयोग किया जा सकता है। बाँध लघु, मध्यम तथा बड़े आकार के हो सकते हैं। बड़े बाँधों का निर्माण करना अधिक जटिल होता है। इनके निर्माण में अत्यधिक शक्ति, समय तथा धन खर्च होता है। बाँध का निर्माण कंक्रीट , चट्टान, लकड़ी अथवा मिट्टी से भी किया जा सकता है। भाखड़ा बाँध, सरदार सरोवर, टिहरी बाँध इत्यादि बड़े बाँधों के उदाहरण हैं। एक बाँध के लिए अत्यावश्यक है कि इसमें इसके पीछे के पानी के भार को वहन करने की क्षमता हो। बाँध पर धकेले जाने वाली जल की मात्रा का जल-दाब जल की गहराई बढ़ने के साथ बढ़ता है। इसके परिणामस्वरूप कई बाँधों का तल चौड़ा होता है, जिससे यह सतह के काफी नीचे के भाग में बहने वाले जल का भार वहन कर सके। वर्षों से बढ़ती जनसंख्या, औद्योगिकीकरण में वृद्धि तथा कृषि में विस्तार होने से जल की माँग बढ़ती जा रही है। अतएव जल संरक्षण आज की आवश्यकता बन गई है। वर्षा-जल-संचयन मुख्यत: भवनों की छतों पर इकट्ठे किए जल को भूमि में संरक्षित करके आगे काम में लेने की प्रक्रिया है। इसके लिए यह आवश्यक है कि भू-जल की गिरावट को रोका जाए तथा भू-जल स्तर में सुधार किया जाए। साथ ही समुद्र के जल का अंतर्गमन अर्थात समुद्री जल को भूमि की तरफ आने से रोका जाए और वर्षा के मौसम में अधिकतम जल का संरक्षण किया जाए। जल संचयन वह है जिसमें _________ (सही कथन से वाक्य पूरा करो।)
  • A. वर्षा जल को मुख्यत: भवनों की छतों पर इकट्ठा करके भूमि में संरक्षित करके आगे काम में लिया जाता है।
  • B. जल को पानी की टंकियों एवं बड़े बर्तनों में भरकर भविष्य के लिए रखा जाता है।
  • C. वर्षा जल को आगे काम में न लेने की प्रक्रिया होती है।
  • D. वर्षा-जल भवनों की छतों पर इकट्ठा किया जाता है।
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option A - उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार जल संचयन वह है जिसमें वर्षा जल को मुख्यत: भवनों की छतों पर इकट्ठे किए जल को भूमि में संरक्षित करके आगे काम में लेने की प्रक्रिया है।
A. उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार जल संचयन वह है जिसमें वर्षा जल को मुख्यत: भवनों की छतों पर इकट्ठे किए जल को भूमि में संरक्षित करके आगे काम में लेने की प्रक्रिया है।

Explanations:

उपर्युक्त अनुच्छेद के अनुसार जल संचयन वह है जिसमें वर्षा जल को मुख्यत: भवनों की छतों पर इकट्ठे किए जल को भूमि में संरक्षित करके आगे काम में लेने की प्रक्रिया है।