Correct Answer:
Option B - आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल को ‘गद्यकाल’ के नाम से अभिहित किया है। शुक्ल जी द्वारा काल विभाजन तथा दोहरा नामकरण इस प्रकार है-
आदिकाल (वीरगाथा काल) - सं. 1050 से 1375 तक
पूर्व मध्यकाल (भक्तिकाल) - सं. 1375 से 1700 तक
उत्तर मध्य काल (रीति काल) - सं. 1700 से 1900 तक
आधुनिक काल (गद्य काल) - सं. 1900 से 1984 तक
B. आचार्य रामचन्द्र शुक्ल ने हिन्दी साहित्य के आधुनिक काल को ‘गद्यकाल’ के नाम से अभिहित किया है। शुक्ल जी द्वारा काल विभाजन तथा दोहरा नामकरण इस प्रकार है-
आदिकाल (वीरगाथा काल) - सं. 1050 से 1375 तक
पूर्व मध्यकाल (भक्तिकाल) - सं. 1375 से 1700 तक
उत्तर मध्य काल (रीति काल) - सं. 1700 से 1900 तक
आधुनिक काल (गद्य काल) - सं. 1900 से 1984 तक