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Q: प्रसार शिक्षण पद्धति में विशेष महत्व है
  • A. नमनीयता का
  • B. विभिन्नता का
  • C. निर्भरता का
  • D. उपर्युक्त में से कोई नही
Correct Answer: Option A - प्रसार शिक्षण पद्धति में विशेष महत्व नमनीयता (Flexibility) का है। विभिन्न व्यक्तियों, स्थानों तथा परिवेशों के अनुसार किसी प्रतिबद्ध पाठयक्रम का अनुपालन नही होता। जिस परिवेश, जिस स्थान अथवा जिस व्यक्ति के निमित्त कार्यक्रम चलाना हो उसी को लक्षित करके कार्यक्रम नियोजित किया जाता है। अत: प्रसार शिक्षण पद्धति में पर्याप्त नमनीयता (Flexibility) का होना आवश्यक है।
A. प्रसार शिक्षण पद्धति में विशेष महत्व नमनीयता (Flexibility) का है। विभिन्न व्यक्तियों, स्थानों तथा परिवेशों के अनुसार किसी प्रतिबद्ध पाठयक्रम का अनुपालन नही होता। जिस परिवेश, जिस स्थान अथवा जिस व्यक्ति के निमित्त कार्यक्रम चलाना हो उसी को लक्षित करके कार्यक्रम नियोजित किया जाता है। अत: प्रसार शिक्षण पद्धति में पर्याप्त नमनीयता (Flexibility) का होना आवश्यक है।

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प्रसार शिक्षण पद्धति में विशेष महत्व नमनीयता (Flexibility) का है। विभिन्न व्यक्तियों, स्थानों तथा परिवेशों के अनुसार किसी प्रतिबद्ध पाठयक्रम का अनुपालन नही होता। जिस परिवेश, जिस स्थान अथवा जिस व्यक्ति के निमित्त कार्यक्रम चलाना हो उसी को लक्षित करके कार्यक्रम नियोजित किया जाता है। अत: प्रसार शिक्षण पद्धति में पर्याप्त नमनीयता (Flexibility) का होना आवश्यक है।