Correct Answer:
Option B - प्रीस्ट्रेशिंग तार बीम के निचले भाग में रखे जाते है। प्रीस्ट्रेशिंग में पहले प्रबलन तारों को बलपूर्वक खींचकर इसमें वांछित तनन प्रतिबल उत्पन्न कर लिया जाता है। तारों को खीचने के लिए इनका एक सिरा स्थिरण ब्लाक से बाँध दिया जाता है तथा दूसरे सिरे को यांत्रिक विधि (जैक) से खीचा जाता है इसके बाद साँचे में कंक्रीट भरकर इसे कठोर होने दिया जाता है। इस विधि का प्रयोग खम्भों, धरनो, स्लीपरों आदि के निर्माण में किया जाता है। बड़ी संख्या में पूर्व प्रबलित अवयवों के निर्माण में होयर प्रणाली का प्रयोग किया जाता है।
B. प्रीस्ट्रेशिंग तार बीम के निचले भाग में रखे जाते है। प्रीस्ट्रेशिंग में पहले प्रबलन तारों को बलपूर्वक खींचकर इसमें वांछित तनन प्रतिबल उत्पन्न कर लिया जाता है। तारों को खीचने के लिए इनका एक सिरा स्थिरण ब्लाक से बाँध दिया जाता है तथा दूसरे सिरे को यांत्रिक विधि (जैक) से खीचा जाता है इसके बाद साँचे में कंक्रीट भरकर इसे कठोर होने दिया जाता है। इस विधि का प्रयोग खम्भों, धरनो, स्लीपरों आदि के निर्माण में किया जाता है। बड़ी संख्या में पूर्व प्रबलित अवयवों के निर्माण में होयर प्रणाली का प्रयोग किया जाता है।