Correct Answer:
Option B - कवितापठनपाठनस्य उद्देश्यम् ‘प्रशंसनम् आनन्दप्राप्तिश्च’ अस्ति। अर्थात् कविता पठन पाठन का उद्देश्य प्रशंसा और आनन्द प्राप्ति होती है। कविता हमें नव चेतना और नव प्रेरणा प्रदान करती है, वह हृदय के भावों का उद्गार होती है।
B. कवितापठनपाठनस्य उद्देश्यम् ‘प्रशंसनम् आनन्दप्राप्तिश्च’ अस्ति। अर्थात् कविता पठन पाठन का उद्देश्य प्रशंसा और आनन्द प्राप्ति होती है। कविता हमें नव चेतना और नव प्रेरणा प्रदान करती है, वह हृदय के भावों का उद्गार होती है।