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Q: In departmental accounts, the common expense of rent, rate and taxes will be shared between the departments on the basis of : विभागीय खातों में किराया, दर और करों के सामान्य खर्चाे को विभागों के बीच साझा किया जाएगा:
  • A. sales of each department/प्रत्येक विभाग की बिक्री
  • B. wages and salaries of each department प्रत्येक विभाग का वेतन और मजदूरी
  • C. floor area occupied by each department प्रत्येक विभाग के कब्जे वाला तल क्षेत्र
  • D. purchase of each department प्रत्येक विभाग की खरीद
Correct Answer: Option C - विभागीय खातें से सम्बन्धित ऐसे कई खर्च है जिन्हें ठीक से विभाजित नहीं किया जा सकता है। इन्हें विभिन्न विभागों के बीच एक ठोस आधार के अनुपात में आवंटित किया जाता है जिससे वह विशेष व्यय सीधे संबंधित होता है। 1. मालढुलाई, आवक खाता -ऐसे खर्चो को प्रत्येक विभाग की खरीद के अनुसार विभाजित किया जाता है। 2. भवन की मरम्मत, किराया और कर, भवन बीमा आदि- भवन से संबंधित सभी खर्चो को प्रत्येक विभाग के कब्जे वाले फ्लोर स्पेस के अनुसार विभाजित किया जाता है। 3. मूल्यह्रास - मूल्यह्रास को प्रत्येक विभाग में कार्यरत संपत्ति के मूल्य के अनुसार विभाजित किया जाता है। 4. बिक्री और वितरण व्यय- बिक्री और वितरण व्यय से संबंधित सभी खर्चों को प्रत्येक विभाग की बिक्री के अनुसार विभाजित किया जाता है।
C. विभागीय खातें से सम्बन्धित ऐसे कई खर्च है जिन्हें ठीक से विभाजित नहीं किया जा सकता है। इन्हें विभिन्न विभागों के बीच एक ठोस आधार के अनुपात में आवंटित किया जाता है जिससे वह विशेष व्यय सीधे संबंधित होता है। 1. मालढुलाई, आवक खाता -ऐसे खर्चो को प्रत्येक विभाग की खरीद के अनुसार विभाजित किया जाता है। 2. भवन की मरम्मत, किराया और कर, भवन बीमा आदि- भवन से संबंधित सभी खर्चो को प्रत्येक विभाग के कब्जे वाले फ्लोर स्पेस के अनुसार विभाजित किया जाता है। 3. मूल्यह्रास - मूल्यह्रास को प्रत्येक विभाग में कार्यरत संपत्ति के मूल्य के अनुसार विभाजित किया जाता है। 4. बिक्री और वितरण व्यय- बिक्री और वितरण व्यय से संबंधित सभी खर्चों को प्रत्येक विभाग की बिक्री के अनुसार विभाजित किया जाता है।

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विभागीय खातें से सम्बन्धित ऐसे कई खर्च है जिन्हें ठीक से विभाजित नहीं किया जा सकता है। इन्हें विभिन्न विभागों के बीच एक ठोस आधार के अनुपात में आवंटित किया जाता है जिससे वह विशेष व्यय सीधे संबंधित होता है। 1. मालढुलाई, आवक खाता -ऐसे खर्चो को प्रत्येक विभाग की खरीद के अनुसार विभाजित किया जाता है। 2. भवन की मरम्मत, किराया और कर, भवन बीमा आदि- भवन से संबंधित सभी खर्चो को प्रत्येक विभाग के कब्जे वाले फ्लोर स्पेस के अनुसार विभाजित किया जाता है। 3. मूल्यह्रास - मूल्यह्रास को प्रत्येक विभाग में कार्यरत संपत्ति के मूल्य के अनुसार विभाजित किया जाता है। 4. बिक्री और वितरण व्यय- बिक्री और वितरण व्यय से संबंधित सभी खर्चों को प्रत्येक विभाग की बिक्री के अनुसार विभाजित किया जाता है।