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Q: .
  • A. केवल C और D
  • B. केवल B, और D
  • C. केवल A, और B
  • D. केवल A, और E
Correct Answer: Option B - वक्रोक्ति सिद्धान्त के संदर्भ में निम्न में से असत्य कथन है- क्रिया के विशिष्ट प्रयोगों से चमत्कार की सृष्टि हो, वहाँ लिंग वैचित्र्य वक्रता होती है। और जहाँ बहुवचन के स्थान पर एकवचन तथा एकवचन के स्थान बहुवचन का प्रयोग हो, वहाँ पुरूष वक्रता होती है। जबकि सत्य कथन है- जहाँ पर लिंग संबंधी प्रयोगों में चमत्कार दिखलाई पड़े और उनमें औचित्य भी हो, वहाँ पर लिंग वैचित्रा वक्रता होती है। और जहाँ पर पुरूषों में विपर्यय के द्वारा चमत्कार हो वहाँ पुरूष वक्रता होती है। अन्य सभी विकल्प वक्रोक्ति सिद्धान्त के संदर्भ में सही हैं। कुन्तक को वक्रोक्ति सम्प्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है। इनकी कृति ‘वक्रोक्तिजीविंत’ है।
B. वक्रोक्ति सिद्धान्त के संदर्भ में निम्न में से असत्य कथन है- क्रिया के विशिष्ट प्रयोगों से चमत्कार की सृष्टि हो, वहाँ लिंग वैचित्र्य वक्रता होती है। और जहाँ बहुवचन के स्थान पर एकवचन तथा एकवचन के स्थान बहुवचन का प्रयोग हो, वहाँ पुरूष वक्रता होती है। जबकि सत्य कथन है- जहाँ पर लिंग संबंधी प्रयोगों में चमत्कार दिखलाई पड़े और उनमें औचित्य भी हो, वहाँ पर लिंग वैचित्रा वक्रता होती है। और जहाँ पर पुरूषों में विपर्यय के द्वारा चमत्कार हो वहाँ पुरूष वक्रता होती है। अन्य सभी विकल्प वक्रोक्ति सिद्धान्त के संदर्भ में सही हैं। कुन्तक को वक्रोक्ति सम्प्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है। इनकी कृति ‘वक्रोक्तिजीविंत’ है।

Explanations:

वक्रोक्ति सिद्धान्त के संदर्भ में निम्न में से असत्य कथन है- क्रिया के विशिष्ट प्रयोगों से चमत्कार की सृष्टि हो, वहाँ लिंग वैचित्र्य वक्रता होती है। और जहाँ बहुवचन के स्थान पर एकवचन तथा एकवचन के स्थान बहुवचन का प्रयोग हो, वहाँ पुरूष वक्रता होती है। जबकि सत्य कथन है- जहाँ पर लिंग संबंधी प्रयोगों में चमत्कार दिखलाई पड़े और उनमें औचित्य भी हो, वहाँ पर लिंग वैचित्रा वक्रता होती है। और जहाँ पर पुरूषों में विपर्यय के द्वारा चमत्कार हो वहाँ पुरूष वक्रता होती है। अन्य सभी विकल्प वक्रोक्ति सिद्धान्त के संदर्भ में सही हैं। कुन्तक को वक्रोक्ति सम्प्रदाय का प्रवर्तक माना जाता है। इनकी कृति ‘वक्रोक्तिजीविंत’ है।