Correct Answer:
Option D - ‘‘योग्यता एक चौथाई व्यक्तित्व का निर्माण करती है। शेष पूर्ति प्रतिष्ठा द्वारा होती है।’ उपर्युक्त कथन मोहन राकेश द्वारा रचित ‘आषाढ़ का एक दिन’ (1958 ई.) नाटक के पात्र निक्षेप का है। मोहन राकेश द्वारा लिखित यह नाटक कालिदास के जीवन के एक काल्पनिक प्रसंग पर आधारित है। नाटक में कालिदास के जीवन में आने वाले परिवर्तन और उनके रचनाकर्म पर पड़ने वाले प्रभाव को दिखाया गया है। आषाढ़ का एक दिन नाटक के पुरुष पात्र- कालिदास, विलोम, मातुल, निक्षेप
मुख्य नारी पात्र- मल्लिका, अम्बिका, प्रियंगुमंजरी
गौण पात्र - दन्तुल, रंगिणी, अनुस्वार, अनुनासिक इस नाटक में कालिदास दुर्बल चरित्र का व्यक्ति है। लहरों के राजहंस (1963 ई.), आधे-अधूरे (1969 ई.), पैरों तले जमीन (अधूरा) मोहन राकेश द्वारा रचित अन्य महत्वपूर्ण नाटक हैं।
D. ‘‘योग्यता एक चौथाई व्यक्तित्व का निर्माण करती है। शेष पूर्ति प्रतिष्ठा द्वारा होती है।’ उपर्युक्त कथन मोहन राकेश द्वारा रचित ‘आषाढ़ का एक दिन’ (1958 ई.) नाटक के पात्र निक्षेप का है। मोहन राकेश द्वारा लिखित यह नाटक कालिदास के जीवन के एक काल्पनिक प्रसंग पर आधारित है। नाटक में कालिदास के जीवन में आने वाले परिवर्तन और उनके रचनाकर्म पर पड़ने वाले प्रभाव को दिखाया गया है। आषाढ़ का एक दिन नाटक के पुरुष पात्र- कालिदास, विलोम, मातुल, निक्षेप
मुख्य नारी पात्र- मल्लिका, अम्बिका, प्रियंगुमंजरी
गौण पात्र - दन्तुल, रंगिणी, अनुस्वार, अनुनासिक इस नाटक में कालिदास दुर्बल चरित्र का व्यक्ति है। लहरों के राजहंस (1963 ई.), आधे-अधूरे (1969 ई.), पैरों तले जमीन (अधूरा) मोहन राकेश द्वारा रचित अन्य महत्वपूर्ण नाटक हैं।