Correct Answer:
Option B - महासागरों में 24 घंटे के भीतर दो बार ज्वार–भाटा आता है। समुद्री जल का ऊपर की ओर उठने को ज्वार तथा नीचे की ओर गिरने को भाटा कहा जाता है। दो बार ज्वार आने के मध्य 12 घण्टे 26 मिनट का अंतराल होता है। विश्व का सबसे ऊँचा ज्वार ‘फण्डी की खाड़ी’ में आता है। लघु ज्वार सामान्य से 20% नीचा होता है। पूर्णिमा और अमावस्या के दिन महासागरों में ‘दीर्घ ज्वार’ आता है, क्योंकि इस दिन पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य एक सीधी रेखा में होते है। इस अवस्था को ‘सिजिगी’ की अवस्था कहते हैं।
B. महासागरों में 24 घंटे के भीतर दो बार ज्वार–भाटा आता है। समुद्री जल का ऊपर की ओर उठने को ज्वार तथा नीचे की ओर गिरने को भाटा कहा जाता है। दो बार ज्वार आने के मध्य 12 घण्टे 26 मिनट का अंतराल होता है। विश्व का सबसे ऊँचा ज्वार ‘फण्डी की खाड़ी’ में आता है। लघु ज्वार सामान्य से 20% नीचा होता है। पूर्णिमा और अमावस्या के दिन महासागरों में ‘दीर्घ ज्वार’ आता है, क्योंकि इस दिन पृथ्वी, चंद्रमा और सूर्य एक सीधी रेखा में होते है। इस अवस्था को ‘सिजिगी’ की अवस्था कहते हैं।