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Q: चौदहवीं शताब्दी के दौरान भारत में किसने सोने व चांदी की नियमित मुद्राओं के स्थान पर सस्ती धातुओं से निर्मित सांकेतिक मुद्रा (Token Currency) का उपयोग शुरु किया था?
  • A. फिरोजशाह तुगलक
  • B. मुहम्मद बिन तुगलक
  • C. जलालुद्दीन खिलजी
  • D. अलाउद्दीन खिलजी
Correct Answer: Option B - मुहम्मद बिन तुगलक ने चौदहवी शताब्दी में सांकेतिक व प्रतीकात्मक सिक्कों का प्रचलन करवाया। सिक्के संबंधी प्रयोग के कारण एडवर्ड टामस ने उसे ‘धनवानों का राजकुमार’ कहा है। मुहम्मद तुगलक ने ‘दोकानी’ नाम से सिक्कों का प्रचलन करवाया।किंतु इसका यह प्रयोग असफल हो गया। 12वीं शताब्दी में चीन के शासक कुबलई खाँ ने कागज की मुद्रा चलाई थी, जिसे चाऊ कहा जाता था। उसका यह प्रयोग सफल हुआ था।
B. मुहम्मद बिन तुगलक ने चौदहवी शताब्दी में सांकेतिक व प्रतीकात्मक सिक्कों का प्रचलन करवाया। सिक्के संबंधी प्रयोग के कारण एडवर्ड टामस ने उसे ‘धनवानों का राजकुमार’ कहा है। मुहम्मद तुगलक ने ‘दोकानी’ नाम से सिक्कों का प्रचलन करवाया।किंतु इसका यह प्रयोग असफल हो गया। 12वीं शताब्दी में चीन के शासक कुबलई खाँ ने कागज की मुद्रा चलाई थी, जिसे चाऊ कहा जाता था। उसका यह प्रयोग सफल हुआ था।

Explanations:

मुहम्मद बिन तुगलक ने चौदहवी शताब्दी में सांकेतिक व प्रतीकात्मक सिक्कों का प्रचलन करवाया। सिक्के संबंधी प्रयोग के कारण एडवर्ड टामस ने उसे ‘धनवानों का राजकुमार’ कहा है। मुहम्मद तुगलक ने ‘दोकानी’ नाम से सिक्कों का प्रचलन करवाया।किंतु इसका यह प्रयोग असफल हो गया। 12वीं शताब्दी में चीन के शासक कुबलई खाँ ने कागज की मुद्रा चलाई थी, जिसे चाऊ कहा जाता था। उसका यह प्रयोग सफल हुआ था।