वाष्प के दबाव से भोजन बनाना किस विधि के अर्न्तगत आता है?
Find the part of the given sentence that has an error in it. If there is no error, choose 'No error'. Neither I nor my friends are going too walk down that street.
एक व्यक्ति अपने धन का 18% खो देता है और शेष का 87% खर्च करने के बाद, उसके पास `122 बचते हैं। उसके पास मूल रूप से कितना धन था? (अनुमानित मान)
Pinter’s work has added two expressions to the contemporary lexicon, Pinteresque and…
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Where are the WWW browser Google Chrome’s cache saved ? डब्लू.डब्लू.डब्लू. (WWW) ब्राउज़र गूगल क्रोम का कैश कहाँ सेव होता है ?
Which of the following are matters of which a constitutional amendment is possible only with the ratification of the legislature of not less than one-half of the states? निम्न में से वह कौन-सा विषय है जिसके संवैधानिक संशोधन हेतु आधे से अधिक राज्यों की व्यवस्थापिका द्वारा अनुमोदन किया जाना अनिवार्य है, तभी यह संशोधन सम्भव होगा? 1. Election of the President. राष्ट्रपति का चुनाव। 2. Representation of States in Parliament. संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व। 3. Any of the lists in the 7th Schedule. सातवीं अनुसूची की किसी सूची में। 4. Abolition of the Legislative Council of a State./राज्य विधान परिषद की समाप्ति हेतु। Choose the correct answer. सही उत्तर चुनिए।
18m और 30.5 m ऊँचाई वाले दो खंभों के शीर्ष एक तार से जुड़े हुए हैं। यदि तार क्षैतिज से 30⁰ का कोण बनाता है, तो तार की लम्बाई (m में) क्या है?
निर्देश: अधोलिखितं गद्यांशं पठित्वा प्रदत्तप्रश्नानां (प्रश्न संख्या 276-285) विकल्पात्मकोत्तरेभ्य: समुचितम्। उत्तरं चित्वा लिखत। अनादिकालात् प्रचलन्त्याम् अस्माकम् परम्परायां बहव: वैदिका: ऋषय: अभवन्। महर्षि: वसिष्ठ: महर्षि: विश्वामित्र: च वैदिक-कालीनौ ऋषी आस्ताम्। उचिते वयसि यथोचितं व्रतं पालयन्तौ तौ महान्तौ तपस्विनौ अभवताम्। योग्याद् गुरो: स्वाध्यायम् अधीयानौ तौ ज्ञानिनौ सञ्जातौ। एवं तयो: उभयो: पाश्र्वे तु ज्ञानस्य भण्डार एव आसीत्। अनयो: महर्षि: विश्वामित्र: स्वभावेन क्रोधी आसीत्। परन्तु उग्राणि तपांसि समाचरता तेन ब्रह्मर्षिषु स्थानं प्राप्तम्। प्रसिद्धं गायत्री-मन्त्रं समाजाय प्रयच्छता तेन अचिरात् प्रसिद्धि: लब्धा। जपत: जनान् अभीष्टफलं प्रददती गायत्रीलोके कामधेनुरूपेण प्रसिद्धं प्राप्तवती। मुक्तिं कामयमानौ: जनै: गायत्री-मन्त्रस्य शक्त्या भास्वत: सूर्यदेवात् सद्बुद्धि प्राथ्र्यते। महर्षि: वसिष्ठ: सततं ब्रह्म उपासीन: महतीं सिद्धि प्राप्तवान्। वसिष्ठेन मृत्युं वशीकुर्वत: महामृत्यृञ्जयमन्त्रस्य रचना कृता। एकदा सतसङ्ग तपश्चरणयो: मध्ये कतर: श्रेष्ठ: इति विषये विवाद: अभवत्। वसिष्ठ: सत्सङ्गस्य पक्षे आसीत्। विश्वामित्रस्य तु स्वतपस्यायाम् अभिमान: आसीत्। परस्परं विवादमानयो: एतयो: विवादे असमाहिते च तौ क्षीरसागरे भगवत: शेषनागस्य सविधे निर्णयार्थम् अगच्छताम्। शेषनाग: द्वयोर्मध्य सत्सङ्ग: एव श्रेयान् इत्युक्त्वा विवादस्य समाधानं कृतवान्। कवितापठनपाठनस्य उद्देश्यम् अस्ति
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