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Q: Which of the following are matters of which a constitutional amendment is possible only with the ratification of the legislature of not less than one-half of the states? निम्न में से वह कौन-सा विषय है जिसके संवैधानिक संशोधन हेतु आधे से अधिक राज्यों की व्यवस्थापिका द्वारा अनुमोदन किया जाना अनिवार्य है, तभी यह संशोधन सम्भव होगा? 1. Election of the President. राष्ट्रपति का चुनाव। 2. Representation of States in Parliament. संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व। 3. Any of the lists in the 7th Schedule. सातवीं अनुसूची की किसी सूची में। 4. Abolition of the Legislative Council of a State./राज्य विधान परिषद की समाप्ति हेतु। Choose the correct answer. सही उत्तर चुनिए।
  • A. 2, 3 and 4/2,3 और 4
  • B. 1, 2 and 4/1,2 और 4
  • C. 1, 3 and 4/1,3 और 4
  • D. 1, 2 and 3/1,2 और 3
Correct Answer: Option D - संविधान के भाग-20 के तहत अनुच्छेद-368 संविधान संशोधन की शक्ति व प्रक्रिया का विस्तृत प्रावधान करता है। अनुच्छेद-368 के तहत विभिन्न विषयों के संशोधन की प्रक्रिया में पर्याप्त भिन्नता है। ऐसे विषय जिनमें संशोधन करने के लिए विशेष बहुमत और राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है निम्नवत हैं- अनुच्छेद- के तहत राष्ट्रपति का निर्वाचन अनुच्छेद-55 राष्ट्रपति निर्वाचन की प्रक्रिया, अनुच्छेद-162 राज्यों की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार, अनुच्छेद-241 संघ-राज्य क्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय भाग-5 अध्याय 4 के तहत संघ की न्यायपालिका भाग-6 अध्याय 5 के तहत राज्यों के उच्च न्यायालय, भाग-11 अध्याय-1 के तहत संघ राज्यों के मध्य विधायी विषय ; 7 वीं अनुसूची की किसी सूची में संशोधन ; संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व (चौथी अनुसूची) तथा स्वयं अनुच्छेद-368 में संशोधन। जबकि राज्य विधान परिषद की समाप्ति के लिए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता नहीं होती। अत: कथन 1, 2 और 3 सत्य है जबकि कथन 4 गलत है। अत: अभीष्ट उत्तर (d) होगा।
D. संविधान के भाग-20 के तहत अनुच्छेद-368 संविधान संशोधन की शक्ति व प्रक्रिया का विस्तृत प्रावधान करता है। अनुच्छेद-368 के तहत विभिन्न विषयों के संशोधन की प्रक्रिया में पर्याप्त भिन्नता है। ऐसे विषय जिनमें संशोधन करने के लिए विशेष बहुमत और राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है निम्नवत हैं- अनुच्छेद- के तहत राष्ट्रपति का निर्वाचन अनुच्छेद-55 राष्ट्रपति निर्वाचन की प्रक्रिया, अनुच्छेद-162 राज्यों की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार, अनुच्छेद-241 संघ-राज्य क्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय भाग-5 अध्याय 4 के तहत संघ की न्यायपालिका भाग-6 अध्याय 5 के तहत राज्यों के उच्च न्यायालय, भाग-11 अध्याय-1 के तहत संघ राज्यों के मध्य विधायी विषय ; 7 वीं अनुसूची की किसी सूची में संशोधन ; संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व (चौथी अनुसूची) तथा स्वयं अनुच्छेद-368 में संशोधन। जबकि राज्य विधान परिषद की समाप्ति के लिए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता नहीं होती। अत: कथन 1, 2 और 3 सत्य है जबकि कथन 4 गलत है। अत: अभीष्ट उत्तर (d) होगा।

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संविधान के भाग-20 के तहत अनुच्छेद-368 संविधान संशोधन की शक्ति व प्रक्रिया का विस्तृत प्रावधान करता है। अनुच्छेद-368 के तहत विभिन्न विषयों के संशोधन की प्रक्रिया में पर्याप्त भिन्नता है। ऐसे विषय जिनमें संशोधन करने के लिए विशेष बहुमत और राज्यों के अनुसमर्थन की आवश्यकता होती है निम्नवत हैं- अनुच्छेद- के तहत राष्ट्रपति का निर्वाचन अनुच्छेद-55 राष्ट्रपति निर्वाचन की प्रक्रिया, अनुच्छेद-162 राज्यों की कार्यपालिका शक्ति का विस्तार, अनुच्छेद-241 संघ-राज्य क्षेत्रों के लिए उच्च न्यायालय भाग-5 अध्याय 4 के तहत संघ की न्यायपालिका भाग-6 अध्याय 5 के तहत राज्यों के उच्च न्यायालय, भाग-11 अध्याय-1 के तहत संघ राज्यों के मध्य विधायी विषय ; 7 वीं अनुसूची की किसी सूची में संशोधन ; संसद में राज्यों का प्रतिनिधित्व (चौथी अनुसूची) तथा स्वयं अनुच्छेद-368 में संशोधन। जबकि राज्य विधान परिषद की समाप्ति के लिए संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता नहीं होती। अत: कथन 1, 2 और 3 सत्य है जबकि कथन 4 गलत है। अत: अभीष्ट उत्तर (d) होगा।