Correct Answer:
Option B - राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एन.सी.एफ.) 2005 के अनुसार पर्यावरण अध्ययन को तीसरी से पाँचवी कक्षा में स्थान दिया दिया गया है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 पर्यावरण अध्ययन को कक्षा तीन-पाँच तक एक विषय के रूप में देखती हैं। यह विषय विज्ञान, सामाजिक अध्ययन एवं पर्यावरण से जुड़ी अवधारणाओं और मुद्दो को समेकित रूप में देखता है। कक्षा एक और दो में यह विषय नहीं है, परन्तु इससे जुड़े मुद्दों को भाषा और गणित के माध्यम से बताए जाने की बात है। यह पाठ्यपुस्तक बाल केन्द्रित हों, जिससे बच्चों को स्वंय खोजकर पता करने के अवसर मिले, और वे रटने की मजबूरी से बचे।
B. राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा (एन.सी.एफ.) 2005 के अनुसार पर्यावरण अध्ययन को तीसरी से पाँचवी कक्षा में स्थान दिया दिया गया है। राष्ट्रीय पाठ्यचर्या की रूपरेखा 2005 पर्यावरण अध्ययन को कक्षा तीन-पाँच तक एक विषय के रूप में देखती हैं। यह विषय विज्ञान, सामाजिक अध्ययन एवं पर्यावरण से जुड़ी अवधारणाओं और मुद्दो को समेकित रूप में देखता है। कक्षा एक और दो में यह विषय नहीं है, परन्तु इससे जुड़े मुद्दों को भाषा और गणित के माध्यम से बताए जाने की बात है। यह पाठ्यपुस्तक बाल केन्द्रित हों, जिससे बच्चों को स्वंय खोजकर पता करने के अवसर मिले, और वे रटने की मजबूरी से बचे।