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Q: भारत में न्यायिक पुर्निवलोकन का आधार है?
  • A. कानून की उचित प्रक्रिया
  • B. कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया
  • C. कानून का शासन
  • D. संसद द्वारा स्थापित प्रक्रिया
Correct Answer: Option B - भारत में न्यायिक पुनर्विलोकन का आधार कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया है। संविधान के अनुच्छेद 137 के अनुसार संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के या अनुच्छेद 145 के अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन रहते उच्चतम न्यायालय को अपने द्वारा सुनाए गए निर्णय या दिए गए आदेश का पुनर्विलोकन की शक्ति होगी।
B. भारत में न्यायिक पुनर्विलोकन का आधार कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया है। संविधान के अनुच्छेद 137 के अनुसार संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के या अनुच्छेद 145 के अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन रहते उच्चतम न्यायालय को अपने द्वारा सुनाए गए निर्णय या दिए गए आदेश का पुनर्विलोकन की शक्ति होगी।

Explanations:

भारत में न्यायिक पुनर्विलोकन का आधार कानून द्वारा स्थापित प्रक्रिया है। संविधान के अनुच्छेद 137 के अनुसार संसद द्वारा बनाई गई किसी विधि के या अनुच्छेद 145 के अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के अधीन रहते उच्चतम न्यायालय को अपने द्वारा सुनाए गए निर्णय या दिए गए आदेश का पुनर्विलोकन की शक्ति होगी।