Correct Answer:
Option C - यं यं पश्यसि तस्य तस्य पुरुतो मा ब्रूहि दीनं वच: इस सूक्ति के माध्यम से चातक को शिक्षा दी जा रही है। इस पंक्ति का भावार्थ यही है कि – ‘अरे! चातक (पपीहे) तुम हर किसी के सामने अपने दीन (दु:खी) वचनों का उद्गार मत किया करो।
C. यं यं पश्यसि तस्य तस्य पुरुतो मा ब्रूहि दीनं वच: इस सूक्ति के माध्यम से चातक को शिक्षा दी जा रही है। इस पंक्ति का भावार्थ यही है कि – ‘अरे! चातक (पपीहे) तुम हर किसी के सामने अपने दीन (दु:खी) वचनों का उद्गार मत किया करो।