Correct Answer:
Option B - सरकार ने आजाद हिन्द फौज के कैदियों पर सार्वजनिक मुकदमा चलाने का निर्णय लिया। मुकदमा लाल किले में गुरुबक्श सिंह, प्रेम कुमार सहगल एवं शहनवाज खान को एक कटघरे में खड़ा करके चलाया गया। इन युद्ध बंदियों पर मुकदमा चलाने के निर्णय के विरुद्ध पूरे देश में तीव्र प्रतिक्रिया हुई। पूरा देश इन सैनिकोें के बचाव में आ गया था। कांग्रेस द्वारा आजाद हिन्द फौज बचाव समिति का गठन किया गया था। उस समय कांग्रेस के भूला भाई देसाई, जवाहर लाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू, कैलाश नाथ काटजू आदि युद्ध बंदियों के बचाव पक्ष में उतर गए थे।
B. सरकार ने आजाद हिन्द फौज के कैदियों पर सार्वजनिक मुकदमा चलाने का निर्णय लिया। मुकदमा लाल किले में गुरुबक्श सिंह, प्रेम कुमार सहगल एवं शहनवाज खान को एक कटघरे में खड़ा करके चलाया गया। इन युद्ध बंदियों पर मुकदमा चलाने के निर्णय के विरुद्ध पूरे देश में तीव्र प्रतिक्रिया हुई। पूरा देश इन सैनिकोें के बचाव में आ गया था। कांग्रेस द्वारा आजाद हिन्द फौज बचाव समिति का गठन किया गया था। उस समय कांग्रेस के भूला भाई देसाई, जवाहर लाल नेहरू, तेज बहादुर सप्रू, कैलाश नाथ काटजू आदि युद्ध बंदियों के बचाव पक्ष में उतर गए थे।