Correct Answer:
Option C - सीमांत लागत मूल्य निर्धारण दृष्टिकोण में किसी उत्पाद का मूल्य उसकी सीमांत लागत (Marginal Cost) के बराबर होता है। इस दृष्टिकोण में किसी वस्तु की कीमत उस लागत के आसपास रखी जाती है जो उस वस्तु के अतिरिक्त उत्पादन में लगती है। इसका उद्देश्य सस्ती कीमत से ज्यादा बिक्री कर के मुनाफा में वृद्धि करना है।
C. सीमांत लागत मूल्य निर्धारण दृष्टिकोण में किसी उत्पाद का मूल्य उसकी सीमांत लागत (Marginal Cost) के बराबर होता है। इस दृष्टिकोण में किसी वस्तु की कीमत उस लागत के आसपास रखी जाती है जो उस वस्तु के अतिरिक्त उत्पादन में लगती है। इसका उद्देश्य सस्ती कीमत से ज्यादा बिक्री कर के मुनाफा में वृद्धि करना है।