Correct Answer:
Option A - पृथ्वी की ओर मुक्त रूप से गिरती किसी वस्तु के वेग में प्रति सेकेण्ड से होने वाली वृद्धि को पृथ्वी का गुरूत्वीय त्वरण कहते हैं जिसे g से प्रदर्शित करते हैं। गुरूत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी के द्रव्यमान तथा पृथ्वी की त्रिज्या पर निर्भर करता है। चूँकि पृथ्वी का द्रव्यमान नियत है तथा त्रिज्या का मान परिवर्तित होता रहता है क्योंकि पृथ्वी पूरी तरह गोल न होकर ध्रुवों पर चपटी है। पृथ्वी की त्रिज्या स्थान परिवर्तन के साथ बदल जाती है। ध्रुवों पर त्रिज्या का मान कम होता है। वही भूमध्य रेखा पर त्रिज्या का मान अधिकतम होता है। गुरूत्वीय त्वरण तथा त्रिज्या में व्युत्क्रमानुपाती संबंध होता है। अत: भूमध्य रेखा पर गुरूत्वीय त्वरण का मान सबसे कम तथा ध्रुवों पर अधिकतम होता है।
A. पृथ्वी की ओर मुक्त रूप से गिरती किसी वस्तु के वेग में प्रति सेकेण्ड से होने वाली वृद्धि को पृथ्वी का गुरूत्वीय त्वरण कहते हैं जिसे g से प्रदर्शित करते हैं। गुरूत्वीय त्वरण का मान पृथ्वी के द्रव्यमान तथा पृथ्वी की त्रिज्या पर निर्भर करता है। चूँकि पृथ्वी का द्रव्यमान नियत है तथा त्रिज्या का मान परिवर्तित होता रहता है क्योंकि पृथ्वी पूरी तरह गोल न होकर ध्रुवों पर चपटी है। पृथ्वी की त्रिज्या स्थान परिवर्तन के साथ बदल जाती है। ध्रुवों पर त्रिज्या का मान कम होता है। वही भूमध्य रेखा पर त्रिज्या का मान अधिकतम होता है। गुरूत्वीय त्वरण तथा त्रिज्या में व्युत्क्रमानुपाती संबंध होता है। अत: भूमध्य रेखा पर गुरूत्वीय त्वरण का मान सबसे कम तथा ध्रुवों पर अधिकतम होता है।