Correct Answer:
Option A - वेतन शीर्षक के तहत कर योग्य आय के सम्बन्ध में कथन-1- ‘‘भुगतान को वेतन के रूप में तभी माना जा सकता है जब भुगतानकर्ता नियोक्ता है भुगतान प्राप्तकर्ता भुगतानकर्ता का कर्मचारी है’’ सत्य है। नियोक्ता और कर्मचारी के बीच प्रत्यक्ष रूप से सम्बन्ध होना चाहिए। जबकि किसी प्रधान के एंजेट के रूप में कार्य करने के बदले एंजेट को प्राप्त होने वाला पारिश्रामिक या वेतन आय के अन्य स्त्रोत शीर्षक के तहत कर योग्य होता है।
A. वेतन शीर्षक के तहत कर योग्य आय के सम्बन्ध में कथन-1- ‘‘भुगतान को वेतन के रूप में तभी माना जा सकता है जब भुगतानकर्ता नियोक्ता है भुगतान प्राप्तकर्ता भुगतानकर्ता का कर्मचारी है’’ सत्य है। नियोक्ता और कर्मचारी के बीच प्रत्यक्ष रूप से सम्बन्ध होना चाहिए। जबकि किसी प्रधान के एंजेट के रूप में कार्य करने के बदले एंजेट को प्राप्त होने वाला पारिश्रामिक या वेतन आय के अन्य स्त्रोत शीर्षक के तहत कर योग्य होता है।