Correct Answer:
Option A - शिवप्रसाद डबराल ‘चारण’ ( 12 नवंबर, 1912- 24 नवंबर, 1999) उत्तराखण्ड के एक इतिहासकार, भूगोलवेत्ता, अकादमिक और लेखक थे। उन्हे ‘उत्तराखण्ड का विश्वकोश’ (इनसाइक्लोपीडिया ऑफ उत्तराखण्ड) भी कहा जाता है। उन्होने 28 खंडों में उत्तराखंड का इतिहास, 2 काव्य संग्रह, 9 नाटकों और हिन्दी और गढ़वाली भाषाओं में कई संपादित संस्करणों का लेखन किया है। उन्होने उत्तराखंड के पुरातत्व और पारिस्थितिकी पर कई पुस्तकें लिखीं।
A. शिवप्रसाद डबराल ‘चारण’ ( 12 नवंबर, 1912- 24 नवंबर, 1999) उत्तराखण्ड के एक इतिहासकार, भूगोलवेत्ता, अकादमिक और लेखक थे। उन्हे ‘उत्तराखण्ड का विश्वकोश’ (इनसाइक्लोपीडिया ऑफ उत्तराखण्ड) भी कहा जाता है। उन्होने 28 खंडों में उत्तराखंड का इतिहास, 2 काव्य संग्रह, 9 नाटकों और हिन्दी और गढ़वाली भाषाओं में कई संपादित संस्करणों का लेखन किया है। उन्होने उत्तराखंड के पुरातत्व और पारिस्थितिकी पर कई पुस्तकें लिखीं।