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Q: धातो क्त-क्ववतू प्रत्यययो: कस्मिन्नर्थे प्रयोग: भवति?
  • A. वर्तमानकालार्थे।
  • B. भूतकालार्थे।
  • C. भविष्यत्कालार्थे।
  • D. अनद्यतन भविष्यत्कालार्थे।
Correct Answer: Option B - धातु से क्त और क्ववतु प्रत्ययों का भूतकाल के अर्थ में प्रयोग होता है। ‘क्तक्तवतू निष्ठा’ अर्थात् क्त और क्ववतु प्रत्ययों की निष्ठा सञ्ज्ञा होती है। क्त प्रत्यय का प्रयोग कर्मवाच्य एवं भाववाच्य में तथा क्ववतु प्रत्यय कर्तृवाच्य में प्रयुक्त होता है। जैसे– रामेण बाणेन बाली हत:, राम: बाणेन बालिनं हतवान्।
B. धातु से क्त और क्ववतु प्रत्ययों का भूतकाल के अर्थ में प्रयोग होता है। ‘क्तक्तवतू निष्ठा’ अर्थात् क्त और क्ववतु प्रत्ययों की निष्ठा सञ्ज्ञा होती है। क्त प्रत्यय का प्रयोग कर्मवाच्य एवं भाववाच्य में तथा क्ववतु प्रत्यय कर्तृवाच्य में प्रयुक्त होता है। जैसे– रामेण बाणेन बाली हत:, राम: बाणेन बालिनं हतवान्।

Explanations:

धातु से क्त और क्ववतु प्रत्ययों का भूतकाल के अर्थ में प्रयोग होता है। ‘क्तक्तवतू निष्ठा’ अर्थात् क्त और क्ववतु प्रत्ययों की निष्ठा सञ्ज्ञा होती है। क्त प्रत्यय का प्रयोग कर्मवाच्य एवं भाववाच्य में तथा क्ववतु प्रत्यय कर्तृवाच्य में प्रयुक्त होता है। जैसे– रामेण बाणेन बाली हत:, राम: बाणेन बालिनं हतवान्।