Correct Answer:
Option C - 1916-18 ई. के बीच हम गगनेन्द्र ठाकुर के ‘काले-सफेद रेखा चित्र, छवि चित्र व हास्य-व्यंग चित्र ले सकते हैं जो उनकी परिवर्तनशील कला रूचि का परिचायक है। कवि टैगोर और सर जे.सी. बोस के बहुत सुन्दर चित्र बनाये।
• पहले भाग में आरम्भिक कृतियों को लेते हैं ‘परियों की कहानी’ तथा रोमांटिक पृष्ठभूमि में प्रेम संबंधी विषय। 1912 ई. में रविन्द्रनाथ टैगोर कृति ‘जीवन स्मृति’ पर गगनेन्द्र नाथ ने चित्र शृंखला तैयार की।
C. 1916-18 ई. के बीच हम गगनेन्द्र ठाकुर के ‘काले-सफेद रेखा चित्र, छवि चित्र व हास्य-व्यंग चित्र ले सकते हैं जो उनकी परिवर्तनशील कला रूचि का परिचायक है। कवि टैगोर और सर जे.सी. बोस के बहुत सुन्दर चित्र बनाये।
• पहले भाग में आरम्भिक कृतियों को लेते हैं ‘परियों की कहानी’ तथा रोमांटिक पृष्ठभूमि में प्रेम संबंधी विषय। 1912 ई. में रविन्द्रनाथ टैगोर कृति ‘जीवन स्मृति’ पर गगनेन्द्र नाथ ने चित्र शृंखला तैयार की।