Correct Answer:
Option C - सफेद फॉस्फोरस (White Phosphorus)
फॉस्फोरस के अपररूपों में सफेद फॉस्फोरस (P₄) बहुत अभिक्रियाशील होता है। साधारण ताप पर सफेद फॉस्फोरस वायु में स्वत: जलने लगता है क्योकि सफेद फॉस्फोरस का ज्वलन ताप बिन्दु 30⁰C है। वायु में जलने पर यह फॉस्फोरस पेन्टा ऑक्साइड के विषैले सफेद धुये देता है इसलिये फॉस्फोरस को जल में डुबाकर रखते है। यह एक विषैला पदार्थ है। फॉस्फोरस के उत्पादन संयंत्रों में काम करने वाले लोगो की मुँह की हड्डिया गलने लगती है। इस प्रकार के रोग को Phossey Jaw कहते है। 0.15 g फॉस्फोरस खाने से मृत्यु तक हो जाती है।
C. सफेद फॉस्फोरस (White Phosphorus)
फॉस्फोरस के अपररूपों में सफेद फॉस्फोरस (P₄) बहुत अभिक्रियाशील होता है। साधारण ताप पर सफेद फॉस्फोरस वायु में स्वत: जलने लगता है क्योकि सफेद फॉस्फोरस का ज्वलन ताप बिन्दु 30⁰C है। वायु में जलने पर यह फॉस्फोरस पेन्टा ऑक्साइड के विषैले सफेद धुये देता है इसलिये फॉस्फोरस को जल में डुबाकर रखते है। यह एक विषैला पदार्थ है। फॉस्फोरस के उत्पादन संयंत्रों में काम करने वाले लोगो की मुँह की हड्डिया गलने लगती है। इस प्रकार के रोग को Phossey Jaw कहते है। 0.15 g फॉस्फोरस खाने से मृत्यु तक हो जाती है।