Correct Answer:
Option A - जेंडर रूढ़िबद्ध धारणा पुरूष या महिला भूमिका व्यवहार के बारे में पूर्वकल्पित सामान्यीकरण हैं। किम्बल यंग के अनुसार, ‘‘रूढ़िबद्धता वह मिथ्या वर्गीकरण करने वाली धारणाएँ होती हैं जिसके साथ, नियमानुसार, कोई प्रबल संवेगात्मक, पसंद या नापसन्द की भावना, स्वीकृति या अस्वीकृति की भावना से जुड़ी होती है।’’
लैंगिक रूढ़िबद्धता से अभिप्राय, ‘‘स्त्री या पुरूष, लड़का या लड़की के व्यवहार एवं भूमिका से सम्बन्धित समाज का वह सामान्यीकरण जो प्राय: गलत चित्रण के कारण होता है।’’ स्त्री-पुरूष से संबंधित विशेष व्यवहारों को समाज द्वारा परिभाषित करना और इन्हीं विशेष कार्यों और भूमिकाओं की अपेक्षा करना, सुसंगत न होने की स्थिति में उनको टोकना, विचारों में सुधार करने को कहना, लैंगिक रूढ़िबद्धता है। इसी लैंगिक रूढ़िबद्धता को महिलाओं और पुरूषों के बीच लैंगिक समानता का मुख्य जिम्मेदार कारक माना जा सकता है। लैंगिक रूढ़िबद्धता निरन्तर अपना अस्तित्व बनाए रखती है और इस प्रक्रिया में सामाजीकरण अपनी प्रमुख भूमिका निभाता है।
A. जेंडर रूढ़िबद्ध धारणा पुरूष या महिला भूमिका व्यवहार के बारे में पूर्वकल्पित सामान्यीकरण हैं। किम्बल यंग के अनुसार, ‘‘रूढ़िबद्धता वह मिथ्या वर्गीकरण करने वाली धारणाएँ होती हैं जिसके साथ, नियमानुसार, कोई प्रबल संवेगात्मक, पसंद या नापसन्द की भावना, स्वीकृति या अस्वीकृति की भावना से जुड़ी होती है।’’
लैंगिक रूढ़िबद्धता से अभिप्राय, ‘‘स्त्री या पुरूष, लड़का या लड़की के व्यवहार एवं भूमिका से सम्बन्धित समाज का वह सामान्यीकरण जो प्राय: गलत चित्रण के कारण होता है।’’ स्त्री-पुरूष से संबंधित विशेष व्यवहारों को समाज द्वारा परिभाषित करना और इन्हीं विशेष कार्यों और भूमिकाओं की अपेक्षा करना, सुसंगत न होने की स्थिति में उनको टोकना, विचारों में सुधार करने को कहना, लैंगिक रूढ़िबद्धता है। इसी लैंगिक रूढ़िबद्धता को महिलाओं और पुरूषों के बीच लैंगिक समानता का मुख्य जिम्मेदार कारक माना जा सकता है। लैंगिक रूढ़िबद्धता निरन्तर अपना अस्तित्व बनाए रखती है और इस प्रक्रिया में सामाजीकरण अपनी प्रमुख भूमिका निभाता है।