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Q: Which one of the following statements is correct with regard to the utility of competency based approach? योग्यता आधारित उपागम की उपयोगिता के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
  • A. The learning climate in all schools is equally conductive for optimizing learning/झुकाव के अनुकूलन के लिए सभी स्कूलों में सीखने का माहौल समान रूप से अनुकूल है
  • B. Teaching learning process is joyful and interesting/शिक्षण - सीखने की प्रक्रिया आनंदमय और रोचक है
  • C. Proficiency of the teacher is not a matter of concern/शिक्षक की दक्षता चिंता का विषय नहीं है
  • D. The students have to learn the same topic again and again/छात्रों को एक ही विषय को बार-बार सीखना पड़ता है
Correct Answer: Option B - योग्यता एक वास्तविक विश्व कार्य या गतिविधि के प्रभावी प्रदर्शन के लिए आवश्यक कौशल, ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार है। योग्यता प्राप्त करने के लिए, केवल कौशल का अर्जन पर्याप्त नहीं हैं, किसी को दक्षता के निर्धारित स्तर पर प्रदर्शन करना होगा। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में योग्यता आधारित उपागम काफी महत्वपूर्ण होता है। डॉ. एस. पी. कुलश्रेष्ठ (1999) के शब्दों में कहा जाता जा सकता है कि शिक्षण, प्रक्रियाओं की एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें एक व्यक्ति दूसरे के ज्ञान प्राप्त करने के लिए शिक्षण के कार्य को सम्पन्न करने के लिए अनेक प्रकार की क्रियायें करता है और छात्रों के व्यवहार में आत्मीयता के साथ वांछित परिवर्तन लाने का प्रयास करता हैं। इसकी कुछ विशेषताएँ हैं– 1. शिक्षण के दो प्रमुख अंग है– (1) सीखने वाला तथा (2) सिखाने वाला। 2. शिक्षण सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय और रोचक बनाती है। 3. शिक्षण की समस्त प्रक्रियाओं का आधार मनोवैज्ञानिक होता है। 4. शिक्षण एक कौशल युक्त क्रिया है। 5. शिक्षण छात्रों में उत्सुकता जागृत करता है।
B. योग्यता एक वास्तविक विश्व कार्य या गतिविधि के प्रभावी प्रदर्शन के लिए आवश्यक कौशल, ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार है। योग्यता प्राप्त करने के लिए, केवल कौशल का अर्जन पर्याप्त नहीं हैं, किसी को दक्षता के निर्धारित स्तर पर प्रदर्शन करना होगा। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में योग्यता आधारित उपागम काफी महत्वपूर्ण होता है। डॉ. एस. पी. कुलश्रेष्ठ (1999) के शब्दों में कहा जाता जा सकता है कि शिक्षण, प्रक्रियाओं की एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें एक व्यक्ति दूसरे के ज्ञान प्राप्त करने के लिए शिक्षण के कार्य को सम्पन्न करने के लिए अनेक प्रकार की क्रियायें करता है और छात्रों के व्यवहार में आत्मीयता के साथ वांछित परिवर्तन लाने का प्रयास करता हैं। इसकी कुछ विशेषताएँ हैं– 1. शिक्षण के दो प्रमुख अंग है– (1) सीखने वाला तथा (2) सिखाने वाला। 2. शिक्षण सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय और रोचक बनाती है। 3. शिक्षण की समस्त प्रक्रियाओं का आधार मनोवैज्ञानिक होता है। 4. शिक्षण एक कौशल युक्त क्रिया है। 5. शिक्षण छात्रों में उत्सुकता जागृत करता है।

Explanations:

योग्यता एक वास्तविक विश्व कार्य या गतिविधि के प्रभावी प्रदर्शन के लिए आवश्यक कौशल, ज्ञान, दृष्टिकोण और व्यवहार है। योग्यता प्राप्त करने के लिए, केवल कौशल का अर्जन पर्याप्त नहीं हैं, किसी को दक्षता के निर्धारित स्तर पर प्रदर्शन करना होगा। शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में योग्यता आधारित उपागम काफी महत्वपूर्ण होता है। डॉ. एस. पी. कुलश्रेष्ठ (1999) के शब्दों में कहा जाता जा सकता है कि शिक्षण, प्रक्रियाओं की एक ऐसी व्यवस्था है जिसमें एक व्यक्ति दूसरे के ज्ञान प्राप्त करने के लिए शिक्षण के कार्य को सम्पन्न करने के लिए अनेक प्रकार की क्रियायें करता है और छात्रों के व्यवहार में आत्मीयता के साथ वांछित परिवर्तन लाने का प्रयास करता हैं। इसकी कुछ विशेषताएँ हैं– 1. शिक्षण के दो प्रमुख अंग है– (1) सीखने वाला तथा (2) सिखाने वाला। 2. शिक्षण सीखने की प्रक्रिया को आनंदमय और रोचक बनाती है। 3. शिक्षण की समस्त प्रक्रियाओं का आधार मनोवैज्ञानिक होता है। 4. शिक्षण एक कौशल युक्त क्रिया है। 5. शिक्षण छात्रों में उत्सुकता जागृत करता है।