Correct Answer:
Option A - चंपारण सत्याग्रह किसानों से जुड़ा आन्दोलन था जो ‘तिनकठिया प्रथा’ के विरूद्ध संचालित किया गया था। राजकुमार शुक्ल ने महात्मा गाँधी को चंपारण आने तथा कृषकों की समस्या सुलझाने के लिए राजी किया था। यद्यपि यह आन्दोलन किसानों की समस्याओं से संबंधित था जिसमें प्रमुख रूप से अनुबंधित नगदी फसल (नील) की कृषि प्रमुख था परंतु गाँधीजी के अधिकांश सहयोगी शिक्षित मध्यम वर्ग से थे, जैसे- कि राजेन्द्र प्रसाद, गोरख प्रसाद आचार्य, ब्रज किशोर, नरहरि पारिख, महादेव देसाई, जे.बी. कृपलानी अनुग्रह नारायण सिन्हा, मजहरूल हक आदि। उल्लेखनीय है कि चंपारण (बिहार) आन्दोलन का प्रसार संपूर्ण भारत में नहीं था।
A. चंपारण सत्याग्रह किसानों से जुड़ा आन्दोलन था जो ‘तिनकठिया प्रथा’ के विरूद्ध संचालित किया गया था। राजकुमार शुक्ल ने महात्मा गाँधी को चंपारण आने तथा कृषकों की समस्या सुलझाने के लिए राजी किया था। यद्यपि यह आन्दोलन किसानों की समस्याओं से संबंधित था जिसमें प्रमुख रूप से अनुबंधित नगदी फसल (नील) की कृषि प्रमुख था परंतु गाँधीजी के अधिकांश सहयोगी शिक्षित मध्यम वर्ग से थे, जैसे- कि राजेन्द्र प्रसाद, गोरख प्रसाद आचार्य, ब्रज किशोर, नरहरि पारिख, महादेव देसाई, जे.बी. कृपलानी अनुग्रह नारायण सिन्हा, मजहरूल हक आदि। उल्लेखनीय है कि चंपारण (बिहार) आन्दोलन का प्रसार संपूर्ण भारत में नहीं था।