Correct Answer:
Option D - सामाजिक विज्ञान में औपनिवेशिक परिप्रेक्ष्य से तात्पर्य किसी शक्तिशाली एवं विकसित राष्ट्र द्वारा किसी निर्बल एवं अविकसित देश पर उसके संसाधनों को अपने हित में दोहन करने के लिए राजनीतिज्ञ नियंत्रण स्थापित करने से है। इस प्रकार औपनिवेशिक शक्ति अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उपनिवेशों पर सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक नियंत्रण भी स्थापित करती है।
औपनिवेशिक परिप्रेक्ष्य के अन्तर्गत निम्न कथन देखने को मिलते हैं–
* भारत में औपनिवेशिक काल ने सामाजिक विज्ञान पाठ्यचार्य के विकास में बहुत योगदान दिया है तथा
* अंग्रेज ही थे जिन्होंने भारत का इतिहास पहली बार लिखा।
D. सामाजिक विज्ञान में औपनिवेशिक परिप्रेक्ष्य से तात्पर्य किसी शक्तिशाली एवं विकसित राष्ट्र द्वारा किसी निर्बल एवं अविकसित देश पर उसके संसाधनों को अपने हित में दोहन करने के लिए राजनीतिज्ञ नियंत्रण स्थापित करने से है। इस प्रकार औपनिवेशिक शक्ति अपने उद्देश्यों की पूर्ति के लिए उपनिवेशों पर सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्कृतिक नियंत्रण भी स्थापित करती है।
औपनिवेशिक परिप्रेक्ष्य के अन्तर्गत निम्न कथन देखने को मिलते हैं–
* भारत में औपनिवेशिक काल ने सामाजिक विज्ञान पाठ्यचार्य के विकास में बहुत योगदान दिया है तथा
* अंग्रेज ही थे जिन्होंने भारत का इतिहास पहली बार लिखा।