Correct Answer:
Option E - हिंदी साहित्य में `छंदों का बादशाह' तथा `छप्पयों का राजा' चंदरबरदाई को कहा जाता है। पृथ्वीराज रासों में 68 प्रकार के छंद मिलते हैं, इसे आदिकाल में रचित `छंदों का पिटारा' या `छंदों का अजायबघर' कहा जाता है। इनका प्रिय छंद छप्पय छंद है। डॉ. नामवर सिंह ने इन्हें `छंदों का बादशाह' कहा है।
E. हिंदी साहित्य में `छंदों का बादशाह' तथा `छप्पयों का राजा' चंदरबरदाई को कहा जाता है। पृथ्वीराज रासों में 68 प्रकार के छंद मिलते हैं, इसे आदिकाल में रचित `छंदों का पिटारा' या `छंदों का अजायबघर' कहा जाता है। इनका प्रिय छंद छप्पय छंद है। डॉ. नामवर सिंह ने इन्हें `छंदों का बादशाह' कहा है।