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Q: हिन्दी साहित्य में ‘छन्दों का बादशाह’ तथा ‘छप्पयों का राजा’ किसे कहा जाता है?
  • A. नरपतिनाल्ह
  • B. अमीर खुसरो
  • C. दलपति विजय
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option E - हिंदी साहित्य में `छंदों का बादशाह' तथा `छप्पयों का राजा' चंदरबरदाई को कहा जाता है। पृथ्वीराज रासों में 68 प्रकार के छंद मिलते हैं, इसे आदिकाल में रचित `छंदों का पिटारा' या `छंदों का अजायबघर' कहा जाता है। इनका प्रिय छंद छप्पय छंद है। डॉ. नामवर सिंह ने इन्हें `छंदों का बादशाह' कहा है।
E. हिंदी साहित्य में `छंदों का बादशाह' तथा `छप्पयों का राजा' चंदरबरदाई को कहा जाता है। पृथ्वीराज रासों में 68 प्रकार के छंद मिलते हैं, इसे आदिकाल में रचित `छंदों का पिटारा' या `छंदों का अजायबघर' कहा जाता है। इनका प्रिय छंद छप्पय छंद है। डॉ. नामवर सिंह ने इन्हें `छंदों का बादशाह' कहा है।

Explanations:

हिंदी साहित्य में `छंदों का बादशाह' तथा `छप्पयों का राजा' चंदरबरदाई को कहा जाता है। पृथ्वीराज रासों में 68 प्रकार के छंद मिलते हैं, इसे आदिकाल में रचित `छंदों का पिटारा' या `छंदों का अजायबघर' कहा जाता है। इनका प्रिय छंद छप्पय छंद है। डॉ. नामवर सिंह ने इन्हें `छंदों का बादशाह' कहा है।