Correct Answer:
Option C - मुख्यत: कादम्बरी की शैली पाञ्चाली रीति (शैली) है। बाण ने गद्य में पद्यों से अधिक चमत्कार-प्रदर्शन किया है और प्राञ्जल तथा परिष्कृत् पदावली के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया। बाण ने भाव और भाषा का अनुपम समन्वय किया, अत: उनकी रीति ‘पाञ्चाली’ है।
C. मुख्यत: कादम्बरी की शैली पाञ्चाली रीति (शैली) है। बाण ने गद्य में पद्यों से अधिक चमत्कार-प्रदर्शन किया है और प्राञ्जल तथा परिष्कृत् पदावली के लिए एक आदर्श प्रस्तुत किया। बाण ने भाव और भाषा का अनुपम समन्वय किया, अत: उनकी रीति ‘पाञ्चाली’ है।