Correct Answer:
Option B - ∆₀ का मान d-इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर नही करता है। ∆₀ या 10Dq का परिमाण लीगैण्ड की शक्ति या प्रबलता पर निर्भर करता है। यदि लिगैण्ड क्षेत्र प्रबल है तो d-ऑर्बिटलों का विघटन अधिक होगा, फलत: ∆₀ का मान अधिक प्राप्त होगा। दुर्बल लीगैण्ड क्षेत्र होने पर, विघटन अपेक्षाकृत कम होगा फलत: ∆₀ का मान भी कम प्राप्त होगा। अतएव d-ऑर्बिटलो में इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम इस तथ्य पर निर्भर है कि लीगैण्ड क्षेत्र प्रबल है अथवा दुर्बल।
B. ∆₀ का मान d-इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर नही करता है। ∆₀ या 10Dq का परिमाण लीगैण्ड की शक्ति या प्रबलता पर निर्भर करता है। यदि लिगैण्ड क्षेत्र प्रबल है तो d-ऑर्बिटलों का विघटन अधिक होगा, फलत: ∆₀ का मान अधिक प्राप्त होगा। दुर्बल लीगैण्ड क्षेत्र होने पर, विघटन अपेक्षाकृत कम होगा फलत: ∆₀ का मान भी कम प्राप्त होगा। अतएव d-ऑर्बिटलो में इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम इस तथ्य पर निर्भर है कि लीगैण्ड क्षेत्र प्रबल है अथवा दुर्बल।