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Q: Which of the following statements are incorrect? निम्न कथनों में से कौन-सा कथन गलत है?
  • A. Complex compounds whose central cation has a high oxidation state, there ∆₀ value is more than that complex compound whose central cation, has a low oxidation state. संकुल यौगिक, जिसके केन्द्रीय धनायन की उच्च ऑक्सीकरण अवस्था है, का ∆₀ मान उस संकुल यौगिक से अधिक होता है जिसके केन्द्रीय धनायन की निम्न ऑक्सीकरण अवस्था होती है।
  • B. Those complex compounds whose central cation has a single oxidation state but in which the number of d-electrons is different, the value of ∆₀ increases with increase in d-electrons ऐसे संकुल यौगिक, जिसके केन्द्रीय धनायन की ऑक्सीकरण अवस्थाएँ एक ही होती हैं, किन्तु जिनमें d-इलेक्ट्रॉनों की संख्या भिन्न होती है, इनमें d- इलेक्ट्रॉनों की संख्या बढ़ने से ∆₀ का मान बढ़ता है।
  • C. Those complex compounds, whose central cation has a stable (constant) oxidation state, but the principle quantum number (n) of d-orbitals is different; the value of ∆₀ increases with increase in value of n. वे संकुल यौगिक, जिनके केन्द्रीय धनायनों की ऑक्सीकरण अवस्था एक ही होती है, किन्तु उनके d- कक्षकों की मुख्य क्वाण्टम संख्या (n) भिन्न होती है, के लिए ह का मान बढ़ने से ∆₀ का मान बढ़ता है।
  • D. If weak metal ligand are arranged in the order of their increasing power of division of d-orbitals of their cation then spectro chemical series is obtained. यदि दुर्बल धातु-संलग्नों को उनके धनायन की d- कक्षकों को विभक्त करने की बढ़ती शक्ति के क्रम में व्यवस्थित किया जाए, तो स्पेक्ट्रोकेमिकल श्रेणी प्राप्त होती है।
Correct Answer: Option B - ∆₀ का मान d-इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर नही करता है। ∆₀ या 10Dq का परिमाण लीगैण्ड की शक्ति या प्रबलता पर निर्भर करता है। यदि लिगैण्ड क्षेत्र प्रबल है तो d-ऑर्बिटलों का विघटन अधिक होगा, फलत: ∆₀ का मान अधिक प्राप्त होगा। दुर्बल लीगैण्ड क्षेत्र होने पर, विघटन अपेक्षाकृत कम होगा फलत: ∆₀ का मान भी कम प्राप्त होगा। अतएव d-ऑर्बिटलो में इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम इस तथ्य पर निर्भर है कि लीगैण्ड क्षेत्र प्रबल है अथवा दुर्बल।
B. ∆₀ का मान d-इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर नही करता है। ∆₀ या 10Dq का परिमाण लीगैण्ड की शक्ति या प्रबलता पर निर्भर करता है। यदि लिगैण्ड क्षेत्र प्रबल है तो d-ऑर्बिटलों का विघटन अधिक होगा, फलत: ∆₀ का मान अधिक प्राप्त होगा। दुर्बल लीगैण्ड क्षेत्र होने पर, विघटन अपेक्षाकृत कम होगा फलत: ∆₀ का मान भी कम प्राप्त होगा। अतएव d-ऑर्बिटलो में इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम इस तथ्य पर निर्भर है कि लीगैण्ड क्षेत्र प्रबल है अथवा दुर्बल।

Explanations:

∆₀ का मान d-इलेक्ट्रॉनों की संख्या पर निर्भर नही करता है। ∆₀ या 10Dq का परिमाण लीगैण्ड की शक्ति या प्रबलता पर निर्भर करता है। यदि लिगैण्ड क्षेत्र प्रबल है तो d-ऑर्बिटलों का विघटन अधिक होगा, फलत: ∆₀ का मान अधिक प्राप्त होगा। दुर्बल लीगैण्ड क्षेत्र होने पर, विघटन अपेक्षाकृत कम होगा फलत: ∆₀ का मान भी कम प्राप्त होगा। अतएव d-ऑर्बिटलो में इलेक्ट्रॉनों के भरने का क्रम इस तथ्य पर निर्भर है कि लीगैण्ड क्षेत्र प्रबल है अथवा दुर्बल।