Explanations:
महेन्द्र वर्मन– I के बाद उसका पुत्र नरसिंह वर्मन– I कांची की राजगद्दी पर बैठा। नरसिंह वर्मन– I पल्लव वंश का सर्वाधिक शक्तिशाली राजा था उसने अपने पिता के पराजय का बदला लिया। उसने पल्लवों की सैन्य शक्ति को पुन: संगठित कर उत्तर दिशा में विजय यात्रा आंरभ की और चालुक्य सम्राट पुलकेशिन– II को 3–युद्धो में (1परिमाल,2शूरमार ३मणिमंगलम) परास्त किया। इन्होंने वातापी विजय के उपलक्ष्य में वातापीकोण्ड (वातापी का विजेता) एवं महामल्ल (मामल्य) की उपाधि अपने नाम के साथ जोड़ ली।