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Q: Which of the following is not true about globalization and its impact on India? वैश्वीकरण और भारत पर इसके प्रभाव के बारे में, निम्नलिखित में से कौन-सा सत्य नहीं है?
  • A. It has expanded trade in goods and services. इसने वस्तुुओं और सेवाओं में व्यापार का विस्तार किया है।
  • B. It has led to greater flow of Foreign Direct Investment./इससे प्रत्यक्ष विदेशी निवेश का प्रवाह बढ़ा है
  • C. Increase in exports is greater than increase in imports./निर्यात में वृद्धि, आयात में वृद्धि से अधिक है।
  • D. None of the above/उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option C - सुधार अवधि में भारत पर वैश्वीकरण का निम्नलिखित प्रभाव पड़ा है- (1) इसने वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में विस्तार किया है। कुल GPD के अनुपात के रूप में वस्तु और सेवा व्यापार वर्ष 1990 के 17.2 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2000 में 30.6 प्रतिशत तथा वर्ष 2021 में 46 प्रतिशत एवं 2022 की पहली छमाही में 50 प्रतिशत हो गया है। (2) पिछले दशक के दौरान भारत में सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI ) प्रवाह में स्पष्ट संरचनात्मक बदलाव आया है। भारत की सकल FDI वित्त वर्ष 2005-14 के दौरान जीडीपी के 2.2 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2015-22 में 2.6 प्रतिशत हो गया है। वित्त वर्ष 2022 में 84.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का उच्चतम वार्षिक सकल FDI प्रवाह दर्ज किया गया। (3) वर्ष 1990-91 में निर्यात में प्रतिशत वृद्धि दर जहाँ 9.2 थी वहीं 2000-01 तथा 2018-19 में क्रमश: 20.0% तथा 8.8% थी जबकि इसी अवधि में आयात में प्रतिशत वृद्धि दर क्रमश: 13.5% , 0.5% एवं 10.4% रही। इस प्रकार इन अवधियों में आयात एवं निर्यात की वृद्धि दर घटती-बढ़ती रही है। वर्ष 2021 में जहाँ विश्व पण्य और सेवा निर्यात निष्पादन में भारत की हिस्सेदारी 2.2%रही है। वही इसके आयात में भारत की हिस्सेदारी 2.7%रही।
C. सुधार अवधि में भारत पर वैश्वीकरण का निम्नलिखित प्रभाव पड़ा है- (1) इसने वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में विस्तार किया है। कुल GPD के अनुपात के रूप में वस्तु और सेवा व्यापार वर्ष 1990 के 17.2 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2000 में 30.6 प्रतिशत तथा वर्ष 2021 में 46 प्रतिशत एवं 2022 की पहली छमाही में 50 प्रतिशत हो गया है। (2) पिछले दशक के दौरान भारत में सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI ) प्रवाह में स्पष्ट संरचनात्मक बदलाव आया है। भारत की सकल FDI वित्त वर्ष 2005-14 के दौरान जीडीपी के 2.2 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2015-22 में 2.6 प्रतिशत हो गया है। वित्त वर्ष 2022 में 84.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का उच्चतम वार्षिक सकल FDI प्रवाह दर्ज किया गया। (3) वर्ष 1990-91 में निर्यात में प्रतिशत वृद्धि दर जहाँ 9.2 थी वहीं 2000-01 तथा 2018-19 में क्रमश: 20.0% तथा 8.8% थी जबकि इसी अवधि में आयात में प्रतिशत वृद्धि दर क्रमश: 13.5% , 0.5% एवं 10.4% रही। इस प्रकार इन अवधियों में आयात एवं निर्यात की वृद्धि दर घटती-बढ़ती रही है। वर्ष 2021 में जहाँ विश्व पण्य और सेवा निर्यात निष्पादन में भारत की हिस्सेदारी 2.2%रही है। वही इसके आयात में भारत की हिस्सेदारी 2.7%रही।

Explanations:

सुधार अवधि में भारत पर वैश्वीकरण का निम्नलिखित प्रभाव पड़ा है- (1) इसने वस्तुओं और सेवाओं के व्यापार में विस्तार किया है। कुल GPD के अनुपात के रूप में वस्तु और सेवा व्यापार वर्ष 1990 के 17.2 प्रतिशत से बढ़कर वर्ष 2000 में 30.6 प्रतिशत तथा वर्ष 2021 में 46 प्रतिशत एवं 2022 की पहली छमाही में 50 प्रतिशत हो गया है। (2) पिछले दशक के दौरान भारत में सकल प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI ) प्रवाह में स्पष्ट संरचनात्मक बदलाव आया है। भारत की सकल FDI वित्त वर्ष 2005-14 के दौरान जीडीपी के 2.2 प्रतिशत से बढ़कर वित्त वर्ष 2015-22 में 2.6 प्रतिशत हो गया है। वित्त वर्ष 2022 में 84.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का उच्चतम वार्षिक सकल FDI प्रवाह दर्ज किया गया। (3) वर्ष 1990-91 में निर्यात में प्रतिशत वृद्धि दर जहाँ 9.2 थी वहीं 2000-01 तथा 2018-19 में क्रमश: 20.0% तथा 8.8% थी जबकि इसी अवधि में आयात में प्रतिशत वृद्धि दर क्रमश: 13.5% , 0.5% एवं 10.4% रही। इस प्रकार इन अवधियों में आयात एवं निर्यात की वृद्धि दर घटती-बढ़ती रही है। वर्ष 2021 में जहाँ विश्व पण्य और सेवा निर्यात निष्पादन में भारत की हिस्सेदारी 2.2%रही है। वही इसके आयात में भारत की हिस्सेदारी 2.7%रही।