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Q: ‘दीर्घसक्थ:’ इत्यस्मिन् उदाहरणे शुद्धो विग्रहो वर्तते?
  • A. दीर्घौ सक्थौ यस्य स:
  • B. दीर्घा: सक्था: यस्य स:
  • C. दीर्घे सक्थिनी यस्य स:
  • D. दीर्घे सक्थि यस्य स:
Correct Answer: Option C - ‘दीर्घसक्थ:’ इत्यस्मिन् उदाहरणे शुद्धो विग्रहो ‘दीर्घे सक्थिनी यस्य स:’ वर्तते। अर्थात् ‘दीर्घसक्थ:’ इस उदाहरण में शुद्ध विग्रह ‘दीर्घे सक्थिनी यस्य स: है।’ यह बहुव्रीहि समास का उदाहरण है इसका अर्थ हुआ लम्बी जाघों वाला (व्यक्ति) यहाँ दीर्घ और सक्थि नपुंसकलिङ्ग द्विवचन में होकर यह लौकिक विग्रह होता है। अत: प्रश्नानुसार विकल्प (c) सही है, शेष अन्य विकल्प गलत हैं।
C. ‘दीर्घसक्थ:’ इत्यस्मिन् उदाहरणे शुद्धो विग्रहो ‘दीर्घे सक्थिनी यस्य स:’ वर्तते। अर्थात् ‘दीर्घसक्थ:’ इस उदाहरण में शुद्ध विग्रह ‘दीर्घे सक्थिनी यस्य स: है।’ यह बहुव्रीहि समास का उदाहरण है इसका अर्थ हुआ लम्बी जाघों वाला (व्यक्ति) यहाँ दीर्घ और सक्थि नपुंसकलिङ्ग द्विवचन में होकर यह लौकिक विग्रह होता है। अत: प्रश्नानुसार विकल्प (c) सही है, शेष अन्य विकल्प गलत हैं।

Explanations:

‘दीर्घसक्थ:’ इत्यस्मिन् उदाहरणे शुद्धो विग्रहो ‘दीर्घे सक्थिनी यस्य स:’ वर्तते। अर्थात् ‘दीर्घसक्थ:’ इस उदाहरण में शुद्ध विग्रह ‘दीर्घे सक्थिनी यस्य स: है।’ यह बहुव्रीहि समास का उदाहरण है इसका अर्थ हुआ लम्बी जाघों वाला (व्यक्ति) यहाँ दीर्घ और सक्थि नपुंसकलिङ्ग द्विवचन में होकर यह लौकिक विग्रह होता है। अत: प्रश्नानुसार विकल्प (c) सही है, शेष अन्य विकल्प गलत हैं।