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Q: ‘परि + छेद = परिच्छेद’ में कौन-सी संधि है?
  • A. विसर्ग संधि
  • B. व्यंजन संधि
  • C. स्वर संधि
  • D. उपर्युक्त में से एक से अधिक
  • E. उपर्युक्त में से कोई नहीं
Correct Answer: Option B - परि + छेद = परिच्छेद में व्यंजन संधि है। ⇒ व्यंजन संधि-व्यंजन से स्वर अथवा व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार को ‘व्यंजन सन्धि’ कहते है। ⇒ नियम-ह्रस्व स्वर के बाद ‘छ’ हो, तो ‘छ’ के पहले ‘च्’ जुड़ जाता है। दीर्घ स्वर के बाद ‘छ’ होने पर यह विकल्प से होता है। जैसे-परि + छेद = परिच्छेद, शाला + छादन = शालाच्छादन (आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना-डॉ. वासुदेवनंदन प्रसाद, ध्वनि, पृ. 31)।
B. परि + छेद = परिच्छेद में व्यंजन संधि है। ⇒ व्यंजन संधि-व्यंजन से स्वर अथवा व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार को ‘व्यंजन सन्धि’ कहते है। ⇒ नियम-ह्रस्व स्वर के बाद ‘छ’ हो, तो ‘छ’ के पहले ‘च्’ जुड़ जाता है। दीर्घ स्वर के बाद ‘छ’ होने पर यह विकल्प से होता है। जैसे-परि + छेद = परिच्छेद, शाला + छादन = शालाच्छादन (आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना-डॉ. वासुदेवनंदन प्रसाद, ध्वनि, पृ. 31)।

Explanations:

परि + छेद = परिच्छेद में व्यंजन संधि है। ⇒ व्यंजन संधि-व्यंजन से स्वर अथवा व्यंजन के मेल से उत्पन्न विकार को ‘व्यंजन सन्धि’ कहते है। ⇒ नियम-ह्रस्व स्वर के बाद ‘छ’ हो, तो ‘छ’ के पहले ‘च्’ जुड़ जाता है। दीर्घ स्वर के बाद ‘छ’ होने पर यह विकल्प से होता है। जैसे-परि + छेद = परिच्छेद, शाला + छादन = शालाच्छादन (आधुनिक हिन्दी व्याकरण और रचना-डॉ. वासुदेवनंदन प्रसाद, ध्वनि, पृ. 31)।