Correct Answer:
Option C - वित्त के श्रोत वह है जहाँ से वित्त की प्राप्ति हो सकती है। समता अंश, पूर्वाधिकार अंश तथा ऋण पत्र इन सबके निर्गमन से वित्त का अंत: प्रवाह होता है जबकि स्थायी सम्पत्ति में क्रय से रोकड़/वित्त का बर्हिवाह होगा अत: यह वित्त का श्रोत नहीं है। यह वित्त का अनुप्रयोग (Application of fund) है।
C. वित्त के श्रोत वह है जहाँ से वित्त की प्राप्ति हो सकती है। समता अंश, पूर्वाधिकार अंश तथा ऋण पत्र इन सबके निर्गमन से वित्त का अंत: प्रवाह होता है जबकि स्थायी सम्पत्ति में क्रय से रोकड़/वित्त का बर्हिवाह होगा अत: यह वित्त का श्रोत नहीं है। यह वित्त का अनुप्रयोग (Application of fund) है।