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Q: Who said, '' Swaraj is my birthright and I shall have it''? ‘‘स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर ही रहूँगा’’ किसने कहा था?
  • A. Bipin Chandra Pal//बिपिनचंद्रपाल
  • B. Aurobindo Ghosh/अरविन्द घोष
  • C. Bal Gangadhar Tilak/बाल गंगाधर तिलक
  • D. Subhash Chandra Bose/सुभाषचन्द्र बोस
Correct Answer: Option C - मई, 1917 को बाल गंगाधर तिलक ने नासिक में होमरूल लीग की पहली वर्षगांठ के दौरान अपने पत्र मराठा व केसरी के माध्यम से अपने होमरूल की अवधारणा को स्पष्ट किया। तिलक के अनुसार स्वराज से उनका तात्पर्य ब्रिटिश नौकरशाही की जगह ब्रिटिश साम्राज्य के अन्तर्गत भारतीय जनता के प्रति उत्तरदायी शासन था। इन्होंने पूरे देश का दौरा करके स्वराज के लिए जनमत तैयार करने का प्रयास किया और नारा दिया- ‘‘स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मै इसे लेकर रहूँगा’’।
C. मई, 1917 को बाल गंगाधर तिलक ने नासिक में होमरूल लीग की पहली वर्षगांठ के दौरान अपने पत्र मराठा व केसरी के माध्यम से अपने होमरूल की अवधारणा को स्पष्ट किया। तिलक के अनुसार स्वराज से उनका तात्पर्य ब्रिटिश नौकरशाही की जगह ब्रिटिश साम्राज्य के अन्तर्गत भारतीय जनता के प्रति उत्तरदायी शासन था। इन्होंने पूरे देश का दौरा करके स्वराज के लिए जनमत तैयार करने का प्रयास किया और नारा दिया- ‘‘स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मै इसे लेकर रहूँगा’’।

Explanations:

मई, 1917 को बाल गंगाधर तिलक ने नासिक में होमरूल लीग की पहली वर्षगांठ के दौरान अपने पत्र मराठा व केसरी के माध्यम से अपने होमरूल की अवधारणा को स्पष्ट किया। तिलक के अनुसार स्वराज से उनका तात्पर्य ब्रिटिश नौकरशाही की जगह ब्रिटिश साम्राज्य के अन्तर्गत भारतीय जनता के प्रति उत्तरदायी शासन था। इन्होंने पूरे देश का दौरा करके स्वराज के लिए जनमत तैयार करने का प्रयास किया और नारा दिया- ‘‘स्वराज मेरा जन्म सिद्ध अधिकार है और मै इसे लेकर रहूँगा’’।