Correct Answer:
Option B - एक शुष्क फल ‘चिलगोजा’ पाइनस जिगारडियाना प्रजाति का है। अनावृतबीजी (Gymnospermae) ऐसे पौधे को कहते हैं, जिसके बीज में आवरण या कवच नहीं बनाया जाता है। इस प्रभाव में लगभग 900 जातियों को रखा गया है। इनके बीजों में बीज आवरण नहीं पाया जाता है। इससे शुष्क फल ‘चिलगोजा’ पाया जाता है, जिसको ‘‘जिमनोस्पर्म का मेवा’’ कहा जाता है।
■ पाइन की लकड़ी से दियासलाई की तीलियाँ बनायी जाती है।
■ तारपीन का तेल पाइनस (चीड़) से प्राप्त किया जाता है।
■ चिलगोजा का सर्वाधिक उत्पादन जम्मू-कश्मीर में होता है।
B. एक शुष्क फल ‘चिलगोजा’ पाइनस जिगारडियाना प्रजाति का है। अनावृतबीजी (Gymnospermae) ऐसे पौधे को कहते हैं, जिसके बीज में आवरण या कवच नहीं बनाया जाता है। इस प्रभाव में लगभग 900 जातियों को रखा गया है। इनके बीजों में बीज आवरण नहीं पाया जाता है। इससे शुष्क फल ‘चिलगोजा’ पाया जाता है, जिसको ‘‘जिमनोस्पर्म का मेवा’’ कहा जाता है।
■ पाइन की लकड़ी से दियासलाई की तीलियाँ बनायी जाती है।
■ तारपीन का तेल पाइनस (चीड़) से प्राप्त किया जाता है।
■ चिलगोजा का सर्वाधिक उत्पादन जम्मू-कश्मीर में होता है।