Explanations:
अयनवर्ती क्षेत्रों में 30º उत्तर से 30º दक्षिणी अक्षांशों में उत्पन्न होने वाले चक्रवातों को उष्ण कटिबन्धीय चक्रवात कहते हैं। ये निम्न वायुदाब वाले अभिसरणीय परिसंचरण तंत्र होते हैं जिसका औसत व्यास 640 किमी. तक होता है। वायु परिसंचरण की दिशा उत्तरी गोलार्द्ध में अनुकूल होती हैं। इन्हें कैरीबियन सागर एवं दक्षिणी पूर्वी संयुक्त राज्य अमेरिका में हरिकेन, द. चीन सागर में टाइफून, बांग्लादेश तथा भारत में चक्रवात, ऑस्ट्रेलिया में विली-विली, जापान में टैफू तथा फिलीपीन्स में बैजियो के नाम से जाता है।