Correct Answer:
Option B - खेल बालक की मूल प्रवृत्ति, आत्म नियंत्रित, प्रेरणादायक तथा रचनात्मक क्रियाओं की अभिव्यक्ति करने वाली क्रिया है जिससे मनोरंजन के साथ-साथ आनंद की प्राप्ति होती है। खेल के माध्यम से बालक में दो प्रकार के परिवर्तन आते हैं–
1. जैविक परिवर्तन
2. मनोगत्यात्मक परिवर्तन
● खेल से बालक का शारीरिक विकास होता है।
● इसके द्वारा मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।
● यह तनाव मुक्ति करता है।
● सम्मिलित कार्य की भावना पैदा करता है।
यह सहनशक्ति कम नहीं करता बल्कि इससे और सहनशक्ति बढ़ती है।
B. खेल बालक की मूल प्रवृत्ति, आत्म नियंत्रित, प्रेरणादायक तथा रचनात्मक क्रियाओं की अभिव्यक्ति करने वाली क्रिया है जिससे मनोरंजन के साथ-साथ आनंद की प्राप्ति होती है। खेल के माध्यम से बालक में दो प्रकार के परिवर्तन आते हैं–
1. जैविक परिवर्तन
2. मनोगत्यात्मक परिवर्तन
● खेल से बालक का शारीरिक विकास होता है।
● इसके द्वारा मानसिक स्वास्थ्य को बढ़ावा मिलता है।
● यह तनाव मुक्ति करता है।
● सम्मिलित कार्य की भावना पैदा करता है।
यह सहनशक्ति कम नहीं करता बल्कि इससे और सहनशक्ति बढ़ती है।