Explanations:
डॉ. नगेन्द्र ने आलम्बनत्व धर्म का साधारणीकरण माना है। • कवि की अनुभूति के साधारणीकरण को आचार्य शुक्ल सहित सभी काव्यशास्त्रियों ने मान्यता प्रदान की है। उपर्युक्त कथन साधारणीकरण के संबंध में असत्य हैं। साधारणीकरण के संबंध में सत्य कथन निम्नलिखित हैं- 1. किसी असाधारण पदार्थ का साधारण रूप में गृहीत होना साधारणीकरण व्यापार कहलाता है। 2. काव्य नाटक में साधारणीकरण विभावादि के सम्मिश्रित क्रिया-कलाप के समस्त घटना-चक्र का होता है। 3. साधारणीकरण व्यापार द्वारा सहृदय अपने समस्त पूर्वाग्रहों से विमुक्त हो जाता है। • साधारणीकरण की अवधारणा सर्वप्रथम भट्टनायक ने प्रस्तुत की। • साधारणीकरण की अवधारणा सर्वप्रथम भट्टनायक ने प्रस्तुत की। भट्टनायक काव्य की तीन क्रियाएँ (व्यापार) मानते हैं- 1. अभिधा - काव्यार्थ की प्रतीति 2. भावकत्व - साधारणीकरण 3. भोजकत्व - रस का भोग